हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज। सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम भैंसी में तैनात महिला लेखपाल शीला चौधरी को रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार, भैंसी गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को सामूहिक शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि लेखपाल शीला चौधरी जमीन की पैमाइश, वरासत, अंश निर्धारण सहित विभिन्न राजस्व संबंधी कार्यों के लिए अवैध धनराशि की मांग करती हैं। शिकायत में कहा गया था कि धनराशि न देने पर फाइलों को जानबूझकर लंबित रखा जाता है, जिससे किसानों और आम नागरिकों को तहसील के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया था कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि विरोध करने पर उन्हें धमकाया भी जाता है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच न होने पर तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी थी।
शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी ने मामले की जांच सदर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को सौंपी थी। जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर महिला लेखपाल शीला चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में पहले भी कई बार अधिकारियों को मौखिक रूप से अवगत कराया गया था, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि मामले को लंबे समय तक दबाने का प्रयास किया गया।
इस संबंध में महिला लेखपाल शीला चौधरी का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। प्रशासन का कहना है कि विभागीय जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

