न्यायालय के आदेश के छह माह बाद भी नहीं हुई पैमाइश
लेखपाल ने आरोपों को बताया निराधार, एसडीएम बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई
महराजगंज। जमीन की पैमाइश कराने के नाम पर क्षेत्रीय लेखपाल पर 30 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए एक व्यक्ति ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। न्यायालय के आदेश के बावजूद छह माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पैमाइश नहीं होने से विवाद और गहरा गया है।
श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत मोहद्दीपुर बनकटिया निवासी सुखलाल गुप्ता ने आरोप लगाया है कि उनके पिता और उनके तीन भाइयों के बीच पैतृक भूमि को लेकर वर्षों से विवाद चला आ रहा था। तीनों भाइयों के हिस्से में 51-51 डिसमिल भूमि थी। गांव के मुख्य खड़ंजे से सटी भूमि को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ, जिसके बाद मामला अपर आयुक्त न्यायिक द्वितीय गोरखपुर न्यायालय पहुंचा।

सुखलाल गुप्ता के अनुसार लगभग सात वर्षों तक चले मुकदमे के बाद न्यायालय ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए 26 दिसंबर 2025 को भूमि की पैमाइश कराने का आदेश दिया था। वर्तमान में विवादित भूमि के मामले में बासदेव गुप्ता तथा स्व. नेऊर गुप्ता की पुत्रवधू गायत्री देवी पक्षकार हैं।
आरोप है कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन के लिए क्षेत्रीय लेखपाल अलका सिंह द्वारा 30 हजार रुपये की मांग की गई। रुपये न देने के कारण छह माह बाद भी पैमाइश की कार्रवाई नहीं हो सकी है, जिससे उन्हें अपने हिस्से की भूमि का वास्तविक कब्जा नहीं मिल पा रहा है। पीड़ित का यह भी कहना है कि वह मामले को लेकर कई बार श्यामदेउरवा थाने का चक्कर लगा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है।
वहीं, लेखपाल अलका सिंह ने आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि शनिवार को दोनों पक्षों को थाने पर बुलाया गया था तथा आपसी सहमति से विवाद के समाधान के लिए सहमति पत्र देने को कहा गया था। उन्होंने पैमाइश के नाम पर किसी भी प्रकार की धनराशि मांगने के आरोप से इनकार किया है।
एसडीएम सदर जितेंद्र कुमार ने बताया कि लेखपाल पर लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश का हर हाल में तत्काल अनुपालन कराया जाएगा तथा मामले का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।

