आठ माह तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद हारी सांसें, मासूम बेटी आर्या के सिर से उठा पिता का साया
महराजगंज। रोजी-रोटी कमाने और परिवार का भविष्य संवारने सऊदी अरब गए बागापार निवासी राजगीर मिस्त्री अनिल वर्मा की आखिरकार मौत हो गई। करीब आठ माह पहले निर्माण कार्य के दौरान मचान से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए अनिल का सऊदी अरब में इलाज चल रहा था। सोमवार को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। गुरुवार सुबह उनका शव ताबूत में गांव पहुंचा तो पूरे गांव में कोहराम मच गया।
अनिल के शव के गांव पहुंचते ही अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पत्नी सीमा वर्मा और परिजनों के विलाप से माहौल गमगीन हो गया। मासूम बेटी आर्या पिता के शव को देखकर फूट-फूटकर रोती रही। उसकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
परिजनों के मुताबिक, अनिल करीब आठ माह से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे। परिवार को उम्मीद थी कि इलाज के बाद वह स्वस्थ होकर घर लौटेंगे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। परिवार के लिए कमाने विदेश गए अनिल की घर वापसी हुई, लेकिन जिंदा नहीं बल्कि ताबूत में।
अनिल अपने पीछे पत्नी, मासूम बेटी और माता-पिता समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी असमय मौत की खबर से गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
बाद में रोहिन नदी के चानकी घाट पर गमगीन माहौल में अनिल वर्मा का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिचित मौजूद रहे। हर आंख नम थी और परिवार के प्रति लोगों की संवेदनाएं उमड़ती रहीं।
विदेश परिवार की खुशियों के लिए कमाने गया था अनिल, लेकिन लौटकर आया तो ताबूत में। उनकी मौत ने परिवार के साथ पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।

