हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज। समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष एसरार अहमद ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त किए जाने की प्रस्तावित कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि प्रस्तावित कार्रवाई का सीधा असर विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा उनसे जुड़े हजारों परिवारों पर पड़ेगा। इसलिए किसी भी निर्णय से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाओं, संवैधानिक प्रावधानों और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जाना आवश्यक है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि विश्वविद्यालय का निर्माण उस समय कराया गया था, जब संबंधित ग्राम सींगनखेड़ा रामपुर विकास प्राधिकरण की सीमा में शामिल नहीं था। दावा किया गया है कि ग्राम को 27 सितंबर 2024 को विकास प्राधिकरण के अधीन लाया गया, जबकि विश्वविद्यालय का निर्माण इससे पहले ही पूरा हो चुका था। ऐसे में निर्माण को विकास प्राधिकरण के नियमों के आधार पर अवैध ठहराना उचित नहीं है।
एसरार अहमद ने कहा कि शिक्षा संस्थानों से जुड़े मामलों में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य प्रभावित हो। उन्होंने राज्यपाल से अनुरोध किया कि छात्रहित, जनहित और न्याय के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए तथा पूरे मामले का निष्पक्ष और विधिसम्मत समाधान सुनिश्चित कराया जाए।


