कटहरा खास के प्राचीन शिव मंदिर की दान राशि पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने प्रशासन से मांगी निष्पक्ष जांच

उत्तर प्रदेश महाराजगंज




आय-व्यय सार्वजनिक न करने का आरोप, नई प्रबंधन समिति के गठन और दोषियों पर कार्रवाई की उठाई मांग

हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो


महराजगंज। सदर तहसील के ग्राम पंचायत कटहरा खास स्थित प्राचीन शिव मंदिर की दान एवं चढ़ावा राशि के उपयोग को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मंदिर की आय-व्यय में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता के अभाव का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा नई मंदिर प्रबंधन समिति के गठन की मांग की है।


ग्रामीणों का कहना है कि यह मंदिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां विशेष रूप से सावन और महाशिवरात्रि के दौरान हजारों श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। इस दौरान मंदिर में दान और चढ़ावे के रूप में पर्याप्त धनराशि प्राप्त होती है, लेकिन वर्षों से उसके आय-व्यय का सार्वजनिक लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं किया गया। उनका आरोप है कि मंदिर के विकास कार्य भी अपेक्षित स्तर पर नहीं हुए, जिससे दान राशि के दुरुपयोग की आशंका और गहरा गई है।


ग्रामीणों के अनुसार मंदिर समिति और ग्राम प्रधान से कई बार आय-व्यय का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की गई। इसी उद्देश्य से 22 जुलाई को मंदिर परिसर में खुली बैठक आयोजित की गई थी, लेकिन जिन लोगों से हिसाब प्रस्तुत करने की अपेक्षा थी, वे बैठक में उपस्थित नहीं हुए।


इसके बाद मंदिर के महंत के आह्वान पर ग्रामीणों ने जनमत के आधार पर नई समिति बनाने का निर्णय लिया। हालांकि, आरोप है कि निवर्तमान समिति और ग्राम प्रधान ने इस निर्णय को स्वीकार नहीं किया। 26 जुलाई को दोबारा हुई खुली बैठक में सर्वसम्मति से जमुना चौहान को मंदिर समिति का अध्यक्ष चुना गया, लेकिन पुरानी समिति ने इस निर्णय पर भी सहमति नहीं जताई। इस दौरान कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बनी, जिसे ग्रामीणों ने आपसी समझदारी से शांत करा दिया।


बैठक में पूर्व प्रधान स्वर्गीय कमलेश सिंह के भाई गिधलेश सिंह एवं वृजेश सिंह ने आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2023 के सावन माह के दो माह का हिसाब उपलब्ध नहीं कराया गया और प्रस्तुत विवरण भी अधूरा तथा अप्रमाणिक था। इसे लेकर ग्रामीणों ने दान राशि में अनियमितता और संभावित गबन की आशंका व्यक्त की।


ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मंदिर की आय-व्यय की उच्चस्तरीय प्रशासनिक जांच कराई जाए, प्रशासन की निगरानी में नई प्रबंधन समिति का गठन कराया जाए तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि मंदिर के संचालन में पारदर्शिता बनी रहे और श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे।


ज्ञापन सौंपने वालों में जमुना चौहान, जितेंद्र कुमार सिंह, जितेंद्र यादव, वंश बहादुर यादव, राजेंद्र, महेंद्र, हीरा भाई, गोरख चौहान, बाबूराम, महेंद्र चौधरी, प्रमोद चौहान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।

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