हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
धानी/महराजगंज। फरेन्दा तहसील के धानी बाजार स्थित प्राचीन काक्षेश्वर नाथ शिव मंदिर क्षेत्र के श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रमुख केन्द्र बना हुआ है। 30 जुलाई से प्रारंभ हो रहे श्रावण मास को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां जोरों पर हैं। पूरे श्रावण मास में आसपास के गांवों सहित दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना करते हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि सच्चे मन से बाबा काक्षेश्वर नाथ के दरबार में मांगी गई हर मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। इसी आस्था के चलते श्रावण मास में मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।
मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार, धानी गांव के नन्दकिशोर मणि अपने बाग में एक आम का पेड़ कटवा रहे थे, लेकिन कई दिनों के प्रयास के बावजूद मजदूर पेड़ नहीं काट सके। इसी दौरान नन्दकिशोर मणि को स्वप्न में भगवान शिव ने दर्शन देकर बताया कि पेड़ के नीचे शिवलिंग विराजमान है। अगले दिन पेड़ कटवाने पर वहां शिवलिंग मिला। जब शिवलिंग को वहां से हटाकर घर ले जाने का प्रयास किया गया तो वह धीरे-धीरे भूमि में धंसने लगा। इसे भगवान शिव की इच्छा मानते हुए उसी स्थान पर भव्य शिव मंदिर का निर्माण कराया गया।
तब से लेकर आज तक मंदिर में नियमित रूप से पूजा-अर्चना होती चली आ रही है। मंदिर के पुजारी अगस्त ने बताया कि काक्षेश्वर नाथ शिव मंदिर में वर्ष भर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है तथा प्रतिदिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना होती है। श्रावण मास के दौरान मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन और जलाभिषेक का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल होते हैं।

