कुड़ाघाट में खुला एडमिशन सेंटर, आधुनिक लैब और प्लेसमेंट सुविधा का दावा
हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
गोरखपुर। पूर्वांचल के युवाओं को मेडिकल एवं पैरामेडिकल क्षेत्र में बेहतर तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महाराष्ट्र की चर्चित संस्था “उमाशंकर सोशल वेलफेयर एंड एजुकेशन फाउंडेशन” ने गोरखपुर में अपना विस्तार शुरू कर दिया है। संस्था ने शहर के कुड़ाघाट क्षेत्र में प्रवेश अभियान की शुरुआत करते हुए विभिन्न रोजगारपरक कोर्सों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
संस्था की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, रेडियोग्राफी और मेडिकल इमेजिंग टेक्नोलॉजी जैसे कोर्सों में दाखिले लिए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों को स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ती रोजगार संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
फाउंडेशन का कहना है कि छात्रों को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित लैब, डिजिटल क्लासरूम और प्रैक्टिकल आधारित प्रशिक्षण की सुविधा दी जाएगी। साथ ही अनुभवी शिक्षकों की देखरेख में इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का दावा भी किया गया है। संस्था ने 100 प्रतिशत जॉब प्लेसमेंट सपोर्ट देने की बात कही है।
संस्था के प्रतिनिधियों के अनुसार पूर्वांचल के कई छात्र मेडिकल एवं पैरामेडिकल शिक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन करते हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए गोरखपुर में स्थानीय स्तर पर एडमिशन सेंटर स्थापित किया गया है, ताकि छात्रों को कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा मिल सके।
संस्थान द्वारा एडवांस डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, एडवांस डिप्लोमा इन रेडियोग्राफी और मेडिकल इमेजिंग टेक्नोलॉजी जैसे कोर्स संचालित किए जाने की जानकारी दी गई है। इनकी अवधि लगभग डेढ़ वर्ष निर्धारित की गई है तथा इन्हें सेमेस्टर प्रणाली के तहत संचालित किया जाएगा।

संस्था का दावा है कि संबंधित कोर्स महाराष्ट्र सरकार से मान्यता प्राप्त हैं और डीटीई मुंबई व एमएसबीटीई मुंबई से संबद्ध हैं। इसके अलावा छात्रों को करियर काउंसलिंग और तकनीकी प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा।
गोरखपुर में चल रहे प्रचार अभियान के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और अभिभावक जानकारी लेने पहुंच रहे हैं। संस्था की ओर से बताया गया है कि सीमित सीटों के चलते प्रवेश “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर किया जा रहा है।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि संस्था अपने दावों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराती है तो इससे पूर्वांचल के युवाओं को मेडिकल एवं पैरामेडिकल क्षेत्र में बेहतर अवसर मिल सकते हैं।

