बिचौलियों की चांदी, निर्धारित मूल्य से महंगी बिक रही यूरिया
हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज। जनपद के सिसवा क्षेत्र में इन दिनों खाद, डीजल और पेट्रोल की किल्लत से किसानों और आमजन की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। धान की रोपाई के बीच खाद की कमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं डीजल और पेट्रोल की अनियमित आपूर्ति से खेती-किसानी के साथ-साथ रोजमर्रा का जीवन भी प्रभावित हो रहा है।
क्षेत्र के सरकारी समितियों, खाद दुकानों और पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। किसान खाद और डीजल के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कई जगहों पर उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि अधिकृत दुकानों पर यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं कराई जा रही, जबकि बिचौलिए सक्रिय होकर निर्धारित मूल्य से कहीं अधिक दाम पर खाद बेच रहे हैं।
किसानों के अनुसार जहां सरकार द्वारा यूरिया का निर्धारित मूल्य तय किया गया है, वहीं कुछ दुकानदार खुलेआम यूरिया 500 रुपये प्रति बोरी तक वसूल रहे हैं। मजबूरी में किसान महंगे दामों पर खाद खरीदने को विवश हैं।
क्षेत्र के एक किसान ने बताया कि वह यूरिया लेने के लिए बंदी ढाला चौराहे स्थित इफको केंद्र और माँ वैष्णो खाद भंडार पर पहुंचा, लेकिन वहां खाद उपलब्ध न होने की बात कहकर लौटा दिया गया। इसके बाद जब वह यादव खाद भंडार पर पहुंचा तो वहां यूरिया मौजूद थी, लेकिन दुकानदार ने 500 रुपये प्रति बोरी से कम रूपये में खाद देने से मना कर दिया। किसान ने हरपुर पकड़ी चौराहे पर स्थित जायसवाल खाद भंडार पर भी यूरिया लेने के लिए बात की लेकिन वहां भी 500 रुपये प्रति बोरी की मांग की गई। अंततः किसान को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।
किसानों का कहना है कि सरकार किसानों के हितों की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसान ही सबसे अधिक परेशान दिखाई दे रहा है। खाद की कालाबाजारी, महंगा डीजल और पेट्रोल तथा बढ़ती लागत ने खेती को और मुश्किल बना दिया है। डीजल की कमी के कारण सिंचाई कार्य प्रभावित हो रहे हैं, ट्रैक्टर और कृषि यंत्र खड़े होने लगे हैं, जिससे समय पर खेती का कार्य पूरा करना कठिन हो गया है।
वहीं कई पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल की सीमित आपूर्ति होने से वाहन चालकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोग घंटों लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
ग्रामीणों और किसानों ने जिला प्रशासन से खाद और ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराने, कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा किसानों को राहत दिलाने की मांग की।


