नारायणी नहर से जल भरकर लौटी शोभायात्रा, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ
हर्षोदय टाइम्स / बिमलेश कुमार पाण्डेय
महराजगंज। वासंतिक नवरात्र के पावन अवसर पर उपनगर शिकारपुर स्थित कोटही माई स्थान पर आयोजित नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ का शुभारंभ गुरुवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। दोपहर करीब एक बजे वैदिक मंत्रों और मांगलिक गीतों की मधुर ध्वनि के बीच 251 कुंवारी कन्याओं ने श्रद्धालुओं के साथ गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली।
यज्ञ मंडप से प्रारंभ हुई यह यात्रा शिकारपुर, भिसवा, दरौली, अज्मतपुर, इमिलिया, बरवा विद्यापति और कोदइला गांवों से होती हुई नारायणी नहर पहुंची। वहां वैदिक विद्वानों के मंत्रोच्चार के बीच विधिवत जल भरकर कलश स्थापित किए गए।
इसके बाद यात्रा एनएच-730 मार्ग से वापस यज्ञ स्थल पहुंची, जहां 33 कोटि देवी-देवताओं के आवाहन के साथ शतचंडी महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस दौरान क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
कलश यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भिटौली थानाध्यक्ष मदन मोहन मिश्र एवं शिकारपुर चौकी इंचार्ज मनोज कुमार यादव अपनी टीम के साथ मुस्तैद

