वेतन विवाद पर भड़का पूर्व तकनीकी सहायक, पिस्टल के साथ पहुंचा दफ्तर; मारपीट, फाइलें फाड़ीं और दी जान से मारने की धमकी
महराजगंज: विकास भवन स्थित श्रम-रोजगार कार्यालय में बुधवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक बर्खास्त तकनीकी सहायक ने कार्यालय में घुसकर उपायुक्त (श्रम-रोजगार) गोरेन्द्र सिंह पर हमला कर दिया। आरोपी के पास लाइसेंसी पिस्टल होने की सूचना से कर्मचारियों में दहशत का माहौल बन गया।
जानकारी के मुताबिक, उपायुक्त गोरेन्द्र सिंह शाम करीब 4:50 बजे अपने कक्ष में शासकीय कार्यों में व्यस्त थे। इसी दौरान अरविन्द कुमार श्रीवास्तव, जो पूर्व में मनरेगा में तकनीकी सहायक रह चुका है, कार्यालय पहुंचा और दो वर्षों के बकाया वेतन की मांग करने लगा।
उपायुक्त द्वारा यह बताने पर कि उसके खिलाफ तथ्यों को छिपाकर मानदेय लेने के मामले में आरसी जारी हो चुकी है और प्रकरण उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए न्यायालय के निर्देशानुसार ही आगे की कार्रवाई संभव है इस पर आरोपी भड़क उठा।
आरोप है कि उसने गाली-गलौज करते हुए अचानक हमला कर दिया। इस दौरान गोरेन्द्र सिंह के दाहिने हाथ की दो उंगलियां चोटिल हो गईं, जबकि पेट और चेहरे पर भी चोटें आईं। आरोपी ने कार्यालय में रखी कई महत्वपूर्ण फाइलें भी फाड़ डालीं।
हंगामा सुनकर अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गया। जाते-जाते उसने जान से मारने की धमकी भी दी।
सदर कोतवाली पुलिस के अनुसार, तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है और मामले की जांच जारी है।


