हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज। परतावल विकास खंड के ग्राम पिपरपाती तिवारी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के भव्य आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा के व्यासपीठ से प्रसिद्ध कथावाचक बालेंदु शेखर शुक्ल जी महाराज ने भक्त प्रह्लाद की अमर गाथा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कथा पंडाल में भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
महाराज श्री ने कहा कि भक्त प्रह्लाद की कथा अटूट विश्वास, सत्य और ईश्वर भक्ति की सर्वोच्च मिसाल है। असुरराज हिरण्यकशिपु ने कठोर तप कर ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त किया था कि वह न किसी मनुष्य से मरेगा, न पशु से; न दिन में, न रात में; न घर के भीतर, न बाहर; न धरती पर, न आकाश में। इस वरदान के अभिमान में उसने स्वयं को अजेय समझ लिया और भगवान विष्णु की भक्ति पर प्रतिबंध लगा दिया।
इसके बावजूद बालक प्रह्लाद बचपन से ही भगवान विष्णु के अनन्य भक्त बने रहे। गुरु आश्रम में भी वे अन्य बालकों को भगवान का नाम स्मरण करने की प्रेरणा देते थे। जब हिरण्यकशिपु को इसका पता चला तो उसने क्रोधवश प्रह्लाद को अनेक यातनाएं दीं । पर्वत से गिरवाना, विष पिलाना, हाथियों से कुचलवाना और बहन होलिका की गोद में अग्नि में बैठाना,किन्तु हर बार भगवान ने अपने भक्त की रक्षा की। अंततः संध्या बेला में स्तंभ से नरसिंह अवतार में प्रकट होकर भगवान विष्णु ने दहलीज़ पर हिरण्यकशिपु का वध कर दिया और ब्रह्मा के वरदान की मर्यादा भी अक्षुण्ण रखी।
कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को संदेश दिया गया कि सच्ची भक्ति और अडिग विश्वास के सामने कोई भी बाधा टिक नहीं सकती।
इस अवसर पर यजमान ध्यानेश्वर मणि त्रिपाठी, उषा मणि त्रिपाठी, वीरेंद्र मणि त्रिपाठी, राजू शुक्ला, चंद्रभूषण मणि त्रिपाठी, नरेंद्र कुमार, संजय मणि त्रिपाठी, महेंद्र मणि त्रिपाठी सहित क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।

