पांच दिन से लापता एसआई का शव नदी से बरामद, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
बस्ती । जनपद बस्ती में तैनात सब इंस्पेक्टर अजय गौड़ का शव नदी से बरामद होने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना से आक्रोशित झांसी के एडीएम एवं उनकी पत्नी, जो कि पीसीएस अधिकारी हैं, पुलिस प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठ गए हैं। दोनों अधिकारियों ने बस्ती पुलिस पर लापरवाही और अव्यवहारिक व्यवहार का आरोप लगाया है।
जानकारी के अनुसार, सब इंस्पेक्टर अजय गौड़ पिछले पांच दिनों से लापता थे। परिजनों और परिचितों द्वारा लगातार खोजबीन और सूचना देने के बावजूद पुलिस उन्हें ढूंढने में सफल नहीं हो सकी। बुधवार शाम उनका शव नदी से बरामद किया गया। शव मिलने के बाद परिजनों में शोक और आक्रोश व्याप्त है।
मृतक अजय गौड़ के भाई, जो वर्तमान में झांसी में एडीएम पद पर तैनात हैं, ने आरोप लगाया कि बस्ती पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना है कि यदि समय रहते सक्रियता दिखाई जाती तो शायद स्थिति कुछ और होती। इसी विरोध में वे अपनी पत्नी, पीसीएस अधिकारी, के साथ धरने पर बैठ गए हैं।
धरने पर बैठे अधिकारियों ने विशेष रूप से सीओ हरैया स्वर्णिमा सिंह और एसओ परसरामपुर की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि गुमशुदगी के मामले में अपेक्षित संवेदनशीलता और तत्परता नहीं दिखाई गई।
उधर, देर शाम तक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के मौके पर न पहुंचने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब प्रशासनिक सेवा के अधिकारी को न्याय के लिए धरना देना पड़ रहा है, तो आम नागरिक की शिकायतों की सुनवाई किस स्तर पर होती होगी।
फिलहाल पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। मामले ने प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है।


