हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज जनपद में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत चल रहे आवास प्लस सर्वेक्षण–2024 में लापरवाही उजागर होने पर जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) के परियोजना निदेशक रामदरश चौधरी ने निर्धारित समयसीमा में अपात्र परिवारों के नाम सूची से न हटाने को गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए तीन विकास खंड अधिकारियों (बीडीओ) और तीन सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ) का जनवरी 2026 का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने का निर्देश जारी किया है।

परियोजना निदेशक ने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार जनपद के सभी विकास खंडों में आवास प्लस सर्वे के अंतर्गत कराए गए सेल्फ सर्वे का शत-प्रतिशत सत्यापन अनिवार्य था। सत्यापन के दौरान जो परिवार योजना की पात्रता शर्तों पर खरे नहीं उतरते, उनके नाम सूची से हटाने के लिए 29 जनवरी 2026 तक की स्पष्ट समयसीमा तय की गई थी।
इसके बावजूद बार-बार पत्राचार और निर्देश जारी किए जाने के बाद भी संबंधित अधिकारियों ने कार्य समय से पूरा नहीं कराया। जांच में सामने आया कि विकास खंड निचलौल में 2005, धानी में 785 तथा लक्ष्मीपुर में 2375 डाटा का पुनः सत्यापन वेरीफायर के माध्यम से नहीं कराया गया।
प्रशासन ने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए संबंधित तीनों विकास खंड अधिकारियों का जनवरी 2026 का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है। साथ ही अन्य विकास खंडों में भी सर्वे और सत्यापन की स्थिति संतोषजनक न पाए जाने पर आगे और कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।



