हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
परतावल/महराजगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परतावल में एक गरीब गर्भवती महिला को प्रसव के दौरान इलाज से वंचित किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक ने ऑपरेशन संभव न होने की बात कहकर इलाज से इंकार कर दिया, जिसके बाद आशा कार्यकर्ता द्वारा महिला को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उससे करीब 50 हजार रुपये वसूले गए।
श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के ग्राम मोहद्दीनपुर बनकटिया निवासी इंद्रासन शर्मा ने बताया कि उनकी पुत्री मीनू शर्मा गर्भवती थी। 19 जनवरी 2026 को प्रसव पीड़ा होने पर वह अपनी बेटी को लेकर सीएचसी परतावल पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि करीब दो घंटे तक लाइन में खड़े रहने के बाद भी इलाज शुरू नहीं किया गया। बाद में डॉक्टर ने यह कहकर इलाज से मना कर दिया कि यहां ऑपरेशन संभव नहीं है।
परिजनों का कहना है कि इसके बाद आशा कार्यकर्ता ने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर परतावल स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। वहां इलाज के नाम पर धीरे-धीरे लगभग 50 हजार रुपये वसूल लिए गए। गरीब परिवार पर अचानक आए इस आर्थिक बोझ से वे बुरी तरह टूट गए।
पीड़ित परिवार ने पूरे मामले को लेकर जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपते हुए संबंधित चिकित्सक, आशा कार्यकर्ता और निजी अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकारी अस्पताल में समय पर इलाज मिल जाता तो उन्हें निजी अस्पताल की शरण नहीं लेनी पड़ती।
इस मामले के सामने आने के बाद सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन जांच कर दोषियों पर क्या कार्रवाई करता है।



