लखनऊ : ट्रेन की देरी के कारण NEET परीक्षा से वंचित रह गई छात्रा को आखिरकार आठ साल बाद न्याय मिला है। उपभोक्ता आयोग ने रेलवे को आदेश दिया है कि वह पीड़ित छात्रा समृद्धि को 9.10 लाख रुपये का मुआवजा अदा करे। आयोग ने इसे रेलवे की सेवा में गंभीर लापरवाही मानते हुए छात्रा के शैक्षणिक भविष्य को हुए नुकसान की भरपाई का निर्देश दिया है।
मामला उस समय का है जब समृद्धि ने एक प्रतिष्ठित NEET एंट्रेंस परीक्षा की तैयारी में पूरा एक साल लगाया था। उसका परीक्षा केंद्र लखनऊ स्थित जय नारायण पीजी कॉलेज में निर्धारित था। परीक्षा देने के लिए उसने बस्ती से लखनऊ जाने वाली ट्रेन में टिकट लिया था, जो सुबह 11 बजे लखनऊ पहुंचनी थी, ताकि वह समय से परीक्षा केंद्र पहुंच सके।
हालांकि ट्रेन करीब ढाई घंटे की देरी से लखनऊ पहुंची, जिसके चलते समृद्धि परीक्षा में शामिल नहीं हो सकी। इसके बाद उसने रेलवे के खिलाफ न्याय की लड़ाई शुरू की। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आयोग ने छात्रा के पक्ष में फैसला सुनाते हुए रेलवे को मुआवजा देने का आदेश दिया, जिसे शिक्षा के अधिकार और समय की कीमत के लिहाज से एक अहम फैसला माना जा रहा है।



