हर्षोदय टाइम्स/अर्जुन चौधरी
सिसवा बाजार/महराजगंज- प्रशासन गांव की ओर अभियान के अंतर्गत शनिवार को सिसवा विकास खंड की ग्राम पंचायत हेवती में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने प्रकाशित आलेख्य निर्वाचक नामावली का वाचन कराते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के उद्देश्य और उसकी प्रक्रिया के बारे में ग्रामीणों को विस्तार से जानकारी दी।
जिलाधिकारी ने बताया कि रविवार को प्रातः 10:30 बजे से सायं 4:30 बजे तक सभी बूथों पर बीएलओ द्वारा निर्वाचक नामावली का वाचन किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने संबंधित बूथ पर उपस्थित होकर यह सुनिश्चित करें कि उनका नाम मतदाता सूची में अंकित है। इस दौरान एएसडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित एवं मृत) सूची भी उपलब्ध रहेगी, जिस पर दावा-आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी। नाम न होने की स्थिति में फॉर्म-06 व शपथपत्र के माध्यम से नाम जुड़वाने की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य निष्पक्ष, त्रुटिरहित और समावेशी मतदाता सूची तैयार करना है, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो।
चौपाल में जिलाधिकारी ने वीबी-जी राम जी योजना के बारे में बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के स्थान पर इस नई योजना को लागू किया जा रहा है, जिसके तहत ग्रामीणों को न्यूनतम 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करना और ग्राम पंचायतों में आधारभूत सुविधाओं का विकास करना है।
उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के तहत जनपद में चल रहे विशेष अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि पात्र लाभार्थियों को ₹5 लाख तक का निःशुल्क स्वास्थ्य उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। साथ ही फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य बताते हुए किसानों से पंचायत भवन पर पंजीकरण कराने की अपील की, ताकि आगामी कृषि योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
जिलाधिकारी ने पीएम सूर्यघर योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसके अंतर्गत ₹1.08 लाख तक का अनुदान प्रदान किया जाता है, जिससे बिजली बिल में कमी आती है और अतिरिक्त विद्युत को ग्रिड में बेचकर आय का स्रोत भी विकसित किया जा सकता है।
चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने बाल विवाह को दंडनीय अपराध बताते हुए इसके सामाजिक दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला तथा उपस्थित ग्रामीणों को बाल विवाह के विरुद्ध शपथ दिलाई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को गांवों में लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने और मनरेगा कार्यस्थलों पर पारदर्शिता के लिए सूचना पट्ट लगाए जाने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
जिलाधिकारी ने रुबीना का गोदभराई संस्कार कराया तथा नवजात खुशी व अक्षय का अन्नप्राशन भी संपन्न कराया।
चौपाल में 150 से अधिक ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर दवाएं वितरित की गईं। इसके अलावा 70 पशुपालकों का पंजीकरण, 94 पशुओं को कृमिनाशक दवा, 25 नए राशन यूनिट जोड़ने तथा मुख्यमंत्री युवा योजना के अंतर्गत 30 युवाओं द्वारा आवेदन की इच्छा व्यक्त किए जाने की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का संचालन परियोजना निदेशक रामदरश चौधरी ने किया। इस अवसर पर डीएफओ निरंजन सुर्वे, प्रभारी सीएमओ डॉ. नवनाथ प्रसाद, डीडीओ बी.एन. कन्नौजिया, एसडीएम निचलौल सिद्धार्थ गुप्ता, जिला प्रोबेशन अधिकारी कन्हैया यादव, डीपीआरओ श्रेया मिश्रा, जिला सूचना अधिकारी प्रभाकर मणि त्रिपाठी, बीडीओ सिसवा अर्जुन प्रसाद सहित अन्य अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

