सीएमओ को मानवाधिकार आयोग ने किया तलब
परतावल/महाराजगंज। ह्यूमन राइट्स काउंसिल महराजगंज के जिलाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य सूरज कुमार चौहान ने अवैध रूप से चलाए जा रहे माही हॉस्पिटल के खिलाफ शिकायत किया था जिसका आयोग ने सज्ञान लेते हुए सीएमओ महराजगंज को नोटिस जारी कर 6 जनवरी को आयोग के समक्ष प्रस्तुत होने का आदेश जारी किया था जिसके क्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी ने अपना कोई आख्या प्रस्तुत नही किया जिस पर आयोग ने पुनः 16 फरवरी को आयोग के समक्ष प्रस्तुत होकर अपना आख्या देने का आदेश दिया है।
5 नवम्बर 2025 को अपने दिए शिकायती पत्र में ह्यूमन राइट्स काउंसिल के जिलाध्यक्ष एवं मानवाधिकार आयोग के सदस्य सूरज चौहान निवासी ग्राम सभा बड़हरा बरईपार थाना श्यामदेउरवा जिला महराजगंज ने लिखा कि हॉस्पिटल का संचालक एक मेडिकल माफिया है जो नाम बदलकर कई जगहों पर हॉस्पिटल खोल देता है वही इसके खिलाफ पूर्व में भी कई मुकदमे दर्ज है। वही पूर्व में भी 5 वर्ष पूर्व गुलरहिया थाना अंतर्गत भटहट में प्रियांशु हॉस्पिटल नाम से एक अस्पताल खोला था। जिसमे एक महिला की प्रसव के दौरान मृत्यु हो गई थी। जिसमे हंगामे के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा हॉस्पिटल को सील कर दिया गया। कुछ दिन बाद पुनः संचालक द्वारा नाम बदलकर सत्यम हॉस्पिटल नाम से अस्पताल खोल दिया इसमे भी एक महिला की मृत्यु हो गयी । उसके पश्चात विभाग द्वारा अस्पताल को सील कर दिया गया । गुलरहिया थाने में जलसाझी करने एवं मेडिकल काउंसिल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया।उक्त मामले में संचालक जब जेल से जमानत पर छूटा तो दिब्य जागृति नामक अस्पताल खोल दिया लेकिन यह जलसाझी ज्यादा दिन नही चल सकी और उसे एक अन्य मामले में कार्यवाही होने के डर से वहां से भाग गया।
और महराजगंज जिले के श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के गोधवल में अपना ठिकाना बनाकर न्यू अपोलो अस्पताल खोल दिया जिसमे एक नवजात शिशु के मृत्यु के दौरान उच्चाधिकारियों ने तत्काल अस्पताल को सील करते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया । पुनः अधिकारियों की मिलीभगत से उसी भवन में माही हॉस्पिटल खोल दिया । इसकी शिकायत को संज्ञान में लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली ने उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग को कार्यवाही करने का निर्देश दिया जिस पर आयोग ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी महराजगंज को दूसरी बार नोटिस जारी कर आख्या प्रस्तुत करने का आदेश जारी किया है।

