खनन निरीक्षक की कार्रवाई खुद जांच के घेरे में, कजरी गांव में मिट्टी खनन प्रकरण पर उठे कई सवाल

उत्तर प्रदेश महाराजगंज

वाहन पकड़ने के बाद रास्ते में ही छोड़ देने से बढ़ा संदेह, ग्रामीणों ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग


महराजगंज (हर्षोदय टाइम्स) जनपद महराजगंज में खनन विभाग की कार्यवाही अब खुद सवालों के घेरे में आ गई है। नौतनवां तहसील क्षेत्र के कजरी गांव के पास बुधवार की देर शाम खनन निरीक्षक अजीत कुमार द्वारा की गई कार्रवाई अब चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जा रहा है कि निरीक्षक ने एक लोडर और दो ट्रैक्टर-ट्राली को मिट्टी खनन करते हुए पकड़ लिया था, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से इन्हीं वाहनों को थाने ले जाते समय बीच रास्ते में ही छोड़ दिया गया।

सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले में खनन निरीक्षक पर मिलीभगत के आरोप लगाए जा रहे हैं। वहीं खनन अधिकारी का कहना है कि जब वाहन को जब्त कर ले जाया जा रहा था, तभी संबंधित ईंट भट्ठा मालिक ने वैध कागजात दिखाए, जिसके आधार पर वाहनों को छोड़ दिया गया।

हालांकि, ग्रामीणों के अनुसार, जिस स्थान से मिट्टी निकाली जा रही थी, वह भूमि सरकारी बताई जा रही है। ऐसे में यह बड़ा सवाल उठता है कि अगर जमीन सरकारी है, तो वहां से मिट्टी खनन की अनुमति किस आधार पर दी गई? साथ ही यह भी प्रश्न बना हुआ है कि यदि वाहनों के पास वैध कागजात पहले से मौजूद थे, तो उन्हें लगभग आठ किलोमीटर दूर तक क्यों ले जाया गया और बाद में अचानक छोड़ क्यों दिया गया?

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरा मामला खनन विभाग और कुछ प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत की ओर इशारा करता है। ग्रामीणों ने बताया कि कजरी के पास बहने वाली रोहिन नदी से इन दिनों अवैध बालू खनन का धंधा जोरों पर है, और विभाग की चुप्पी से यह गतिविधि और भी तेज़ी से जारी है।

ग्रामीणों ने इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट हो सके।

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