हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज। शहर में रंगदारी का काला खेल फिर बेनकाब हुआ है। भिटौली थाना क्षेत्र के जड़ार गांव निवासी राजकुमार नाम का शख्स कभी खुद को भाजपा नेता तो कभी पत्रकार बताकर निजी अस्पताल संचालकों से मोटी रकम ऐंठ रहा था। आरोप है कि वह अस्पताल चलाने की एवज में हर महीने पचास हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की मांग करता था।
पीड़ित अस्पताल संचालकों—आयुष्मान हॉस्पिटल के छोटेलाल कुशवाहा, रामचंद्र मौर्य, सिकंदर और रामचरन ने पुलिस को तहरीर दी है। उनका कहना है कि राजकुमार रोजाना 1500 से 2000 रुपये भी वसूलता और धमकी देता था कि पैसा न देने पर अस्पताल बंद करवा देगा।
इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने उसके आतंक की पोल खोल दी है। वीडियो में वह भुजा की दुकान पर बैठकर दबंगई दिखाता और कहता सुनाई देता है— “सारे अधिकारी मेरे सिस्टम में हैं, पैसा पहुंचाते हैं, मुकदमों से कोई फर्क नहीं पड़ता।”
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक निर्भय कुमार सिंह ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। आरोपी की दबंगई पर अब कानूनी शिकंजा कसना तय है।

