हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
प्रयागराज /महाराजगंज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण पर कड़ी सख्ती दिखाते हुए शादियों, बारातों और पार्टियों में डीजे बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। अदालत ने कहा है कि “बच्चों, बुजुर्गों और अस्पतालों में भर्ती मरीजों का जीवन अमूल्य है, शोरगुल के नाम पर उनकी सेहत से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।”
जस्टिस पीकेएस बघेल और जस्टिस पंकज भाटिया की खंडपीठ ने यह आदेश सुनाते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि सभी जिलाधिकारी और एसएसपी विशेष टीम बनाकर ध्वनि प्रदूषण पर निगरानी रखें और उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई करें।
आदेश की अवहेलना करने वालों को पांच साल तक की जेल और एक लाख रुपये तक का जुर्माना देना होगा। कोर्ट ने साफ कहा है कि ध्वनि प्रदूषण नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन है।
इस फैसले से आम लोगों, खासकर छात्रों, बुजुर्गों और मरीजों ने राहत की सांस ली है। वहीं डीजे संचालकों और आयोजकों में हड़कंप मच गया है।
