- मेडिकल कॉलेज में ओपीडी से लेकर दवा काउंटर, पर्ची काउंटर और पैथालॉजी, एक्सरे कक्ष में है दलालों का बोलबाला
- बाउण्ड्री ऊंची कर गार्डों व दलालों पर शिकंजा कसने की तैयारी
अजय पाठक कुशीनगर
कुशीनगर । मेडिकल कॉलेज का बुधवार को निरीक्षण करने निकले प्राचार्य और दलालों से आमना-सामना हो गया। दलाल पश्चिम दिशा की बाउंड्री कूदकर भाग निकले, जबकि दीवार से सटे मेडिकल स्टोर संचालित करने वाले दुकानदार शटर बंद कर फरार हो गए। ओपीडी में डॉक्टरों को बाहर की दवा नहीं लिखने के लिए चेतावनी देते हुए दो गार्डों को दलालों से सावधान करने के लिए ड्यूटी लगाई।

यह गार्ड ओपीडी से पर्ची लेकर बाहर निकलने वाले मरीजों को दवा काउंटर पर दवा के लिए भेजेंगे, दलालों से बचाव भी करेंगे। दवा काउंटर के पास से पश्चिम दिशा में बाहर निकलने वाली गली को बंद कराने का निर्देश दिया, क्योंकि यहां से मरीजों की पर्ची छीनकर दलाल आसानी से बाहर लेकर निकल जाते हैं। प्राचार्य की सख्ती से दलालों में खलबली मची रही, निजी अस्पतालों का एंबुलेंस में परिसर में नजर नहीं आए। कॉलेज प्रशासन ने पश्चिम तरफ की बाउंड्री ऊंची कराने का निर्णय लिया है।
मेडिकल कॉलेज में ओपीडी से लेकर दवा काउंटर, पर्ची काउंटर और पैथालॉजी, एक्सरे कक्ष में दलालों का बोलबाला है। इस संबंध में खबर प्रकाशित होने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन हरकत में आया।
प्राचार्य सुबह नौ बजे ओपीडी में पहुंचे और सभी डॉक्टरों से मिलकर पर्ची पर बाहर की दवा नहीं लिखने के लिए चेतावनी दी। कुछ डॉक्टरों ने सवाल किया कि स्टोर में क्या दवा है, क्या नहीं, इसकी जानकारी नहीं हो पाती है। इसलिए दवाओं का कंपोजिशन नहीं लिखा जाता है। इस पर दवा स्टोर इंचार्ज को प्राचार्य ने दवा की उपलब्धता की सूची ओपीडी में बैठने वाले डॉक्टरों के टेबल पर रखने का निर्देश दिया।
दो शिफ्ट में चार गार्डों को निर्देश दिया कि सभी लोग ओपीडी में आने वाले मरीजों को दलालों से सावधान करेंगे। नीचे गेट पर मौजूद गार्ड ओपीडी से निकलने वाले मरीजों को सीधे दवा काउंटर पर भेजेंगे। इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी। इसमें अगर लापरवाही मिली तो कार्रवाई तय हैं, क्योंकि शासन के मंशा के अनुसार सभी को काम करना है। दोपहर में करीब एक बजे दवा काउंटर के पास दलालों के आने की खबर मिलने पर प्राचार्य दवा काउंटर के पास पहुंचे तो दलालों से आमना-सामना हो गया।
दलाल इधर उधर भागने लगे, लेकिन दवा काउंटर के पास से पश्चिम दिशा की ओर निकली गली से भागकर बाहर निकल गए। पीछा करने पर बाउंड्रीवाल कूदकर खेतों के रास्ते भाग गए। बाउंड्री से सटा हुआ चार मेडिकल स्टोर चल रहा है।
प्राचार्य को देख मेडिकल स्टोर संचालक दुकानों का शटर गिराकर भाग गए। दलाल मरीजों को बाउंड्रीवाल तक ले जाते हैं और वहां से महंगी दवा दिलाते हैं। इसके एवज में उनको अच्छा खासा कमीशन मिल जाता है। यह खेल काफी दिनों से चल रहा है। बाउंड्री से सटे संचालित होने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों ने बाउंड्री को बीच में तोड़ दिया है और मिट्टी भरकर ऊंचा कर लिया है। इसलिए बाउंड्री पर बैठकर पूरे दिन दवा बेचते हैं।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लोगों ने कहा कि आईडिया बता रहा है, साहब नया-नया है। चहारदीवारी कितनी भी ऊंची कर लो, जब तक चहारदीवारी के अंदर वाले नही चाहेंगे कुछ नही हो सकता।

