मनीष की वजह से देश ही नहीं दुनिया में जाना जा रहा है हमारा गांव : ग्राम प्रधान, करौंता नेवाजवारी
हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
वाराणसी : वाराणसी निवासी, विंग कमांडर मनीष कुमार सिंह को ऑपरेशन सिन्दूर में उल्लेखनीय योगदान के लिए स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा मेंशन इन डिस्पैथ्स (Mention in despathes) वीरता पुरस्कार दिया गया। गौरतलब हो कि ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान वह राजस्थान सेक्टर में तैनात थे और उन्होंने पाकिस्तान के महत्वपूर्ण रडार को नष्ट किया। वह एक लड़ाकू विमान पायलट हैं और 17 से अधिक वर्षों से भारतीय वायुसेना में सेवारत हैं।


विंग कमांडर मनीष कुमार सिंह वाराणसी के करौंता नेवाजवारी के रहने वाले है। उनके पिता मूलरूप से किसान है। उनकी स्कूली शिक्षा केन्द्रीय विद्यालय 39 जीटीसी और जगतपुर पीजी कालेज से बीएससी की पढ़ाई पूरी करके पिछले 17 सालों से देश की सेवा में अपना योगदान दे रहे हैं।
मनीष सिंह को आपरेशन सिन्दूर में उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू ने सम्मानित किया। अपने भाई बहनो में सबसे बड़े मनीष के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए परिवार वालों ने कहा कि ‘गर्व से सिर ऊंचा हो गया।’ मनीष के परिवार वाले उनकी इस कामयाबी पर सैलूट कर जश्न मना रहे है । विंग कमान्डर मनीष की मां श्रीमती उर्मिला देवी का कहना है कि उन्हें अपने बेटे पर नाज है। घर ही नहीं पूरे गांव जवार में खुशी का माहौल है।
इस अवसर पर घर में सुन्दरकाण्ड का पाठ करवाने और पूआ पकवान बनवाने तथा गांव जवार में भोज भात देकर खुशियां मनाई जा रही है। उनके गांव के लोगों ने बताया कि मनीष सिंह बचपन से ही पढ़ाई में बहुत तेज थे और उनकी इच्छा थी कि वह हवाई जहाज उड़ाकर अपने देश का नाम रोशन करें। मनीष सिंह के गांव करौता नेवाजवारी के प्रधान अरूण सिंह का कहना है कि यह हम सबके लिए गर्व की बात है और गांव का नाम हिमालय की चोटी सा ऊंचा हो गया है। पूरे गांव में खुशी का माहौल है। जगह जगह मिठाईयां बाटी जा रही है पटाखे फोड़कर लोग खुशी मना रहे हैं। उन्होंने कहां कि आज मनीष की वजह से हमारा गांव देश ही नहीं दुनिया में जाना जा रहा है।
गांव के लोगों ने मनीष को सैल्यूट मारते हुए कहा कि वह जहां भी रहे भारत मां की सेवा में सर्वोच्च योगदान देकर गांव और अपने मां पिता का नाम रोशन करते रहें।

