महराजगंज। प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग (PWD) एक बार फिर सवालों के घेरे में है। विभाग में चल रही एक चार पहिया गाड़ी पर ‘उत्तर प्रदेश सरकार’ का लोगो अंकित है, जबकि जांच में सामने आया है कि वाहन निजी स्वामित्व का है। आरोप है कि इस गाड़ी का उपयोग विभागीय कार्यों में किया जा रहा है और इसके एवज में हर महीने सरकारी मद से भुगतान भी किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, वाहन संख्या UP65ES3596 वाराणसी जनपद में पंजीकृत है। परिवहन विभाग के अभिलेखों में यह गाड़ी अन्नपूर्णा नगर, वाराणसी निवासी धर्मेंद्र कुमार गौतम के नाम दर्ज बताई जा रही है। इसके बावजूद उक्त वाहन पर सरकारी लोगो लगाकर उसे विभागीय उपयोग में शामिल किए जाने को लेकर नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है।
सूत्रों का दावा है कि इस निजी वाहन के उपयोग के नाम पर लगभग 30 हजार रुपये प्रतिमाह का भुगतान किया जा रहा है। इस तरह वर्ष भर में करीब 3.60 लाख रुपये की राशि खर्च होने का अनुमान है। नियमों के तहत निजी वाहन पर सरकारी प्रतीक चिह्न लगाना और बिना निर्धारित प्रक्रिया के विभागीय उपयोग में लेना विधि सम्मत नहीं माना जाता, जिससे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
इस संबंध में अधिशासी अभियंता से संपर्क करने का प्रयास किया गया, किंतु उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उल्लेखनीय है कि विभाग पूर्व में भी वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर चर्चा में रहा है। ताजा प्रकरण ने एक बार फिर विभागीय कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।


