राम नवमी पर कोट धाम स्थित मां भगवती दरबार में निभाई गई कड़ाही चढ़ाने की सदियों पुरानी परंपरा , श्रद्धालुओं में दिखा गजब का उत्साह
परतावल: (हर्षोदय टाइम्स) : महराजगंज जिले के नगर पंचायत परतावल के पावन कोट धाम स्थित मां भगवती के सैकड़ों वर्ष पुरानी प्राचीन मंदिर में राम नवमी के शुभ अवसर पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कड़ाही चढ़ाने की ऐतिहासिक परंपरा बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाई गई। यह परंपरा आज भी क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बनी हुई है।
कड़ाही चढ़ाने की परंपरा आस्था का जीवंत मान्यता है कि कोट धाम की मां भगवती को विशेष रूप से लोहे की कराही में पकाई गई सामग्री का भोग चढ़ाने से मां अत्यंत प्रसन्न होती हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और स्थानीय जनमानस की गहरी आस्था का प्रमाण है।
रविवार सुबह से ही मंदिर परिसर में उमड़ा भक्तों का सैलाब राम नवमी की सुबह से ही श्रद्धालु अपने साधनों द्वारा दूर-दूर से मां के दरबार में पहुंचने लगे। कड़ाही में विशेष भोग बनाकर भक्तों ने मां के चरणों में अर्पित किया। मंदिर परिसर ‘जय मां भगवती’ और ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंज उठा।
मां भगवती की विशेष पूजा-अर्चना, दुर्गा सप्तशती पाठ, कन्या पूजन और आरती के साथ-साथ मंदिर परिसर में धार्मिक झांकी, भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन आय दिन होता रहता है ।
कड़ाही चढ़ाने के बाद मां को भोग अर्पित कर श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धा, सेवा और सहयोग की भावना से कड़ाही चढ़ाने की परम्परा संपन्न होता है यह सामाजिक एकता का भी उदाहरण बना हुआ था
कोट धाम मंदिर समिति, नगर पंचायत परतावल व स्थानीय स्वयंसेवकों द्वारा सुरक्षा, सफाई, चिकित्सा, पेयजल और यातायात की व्यवस्था को व्यवस्थित ढंग से संभाला गया। हर आयु वर्ग के श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं उपलब्ध रहीं।
कोट धाम दुर्गा मन्दिर के पुजारी पण्डित शैलेश शुक्ला ने बताया कि कोट धाम, परतावल के मां भगवती मंदिर में राम नवमी पर कड़ाही चढ़ाने की प्राचीन परंपरा आज भी पूरे श्रद्धा भाव से जीवित है। यह न केवल धार्मिक आस्था का पर्व है, बल्कि क्षेत्रीय संस्कृति, परंपरा और समाज की एकजुटता का अद्भुत प्रतीक भी है।


