हर्षोदय टाइम्स/विवेक कुमार पाण्डेय
भिटौली/महराजगंज: माह-ए-रमजान के आखिरी शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मस्जिदों में अलविदा की नमाज अदा की। रोजेदारों ने मुल्क की बेहतरी और अमन चैन की दुआ मांगी। सुरक्षा को लेकर पुलिस सतर्क रही। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी की गई। भिटौली क्षेत्र के डेरवा,तरकुलवा तिवारी,बलुआ, परसा खुर्द,छपिया, विशुनपुर खुर्द, सिसवा मुंशी, भिटौली, धर्मपुर आदि गांवों की मस्जिदों में रमजान महीने के आखिरी जुमे को अलविदा की नमाज अकीदत के साथ अदा की गई। मुस्लिम समाज के लोगों ने रमजान महीने के आखिरी अशरे की नमाज अदा की। मुस्लिम मजहब के अनुसार रमजान का महीना रुखसत (विदा होना) हो रहा है। इस्लाम के मुताबिक रमजान महीने के तीसरे अशरे (हिस्सा) जहन्नम से आजादी का रोजा चल रहा है। इसमें भूखों को खाना खिलाएं, जरूरतमंदों की मदद करें और रोजेदारों को इफ्तार कराएं, इससे खुदा नाराजी (खुश) होकर अपने बंदों (मानने वालों) को दिल से मांगी हुई दुआ को कुबूल करता है। उन्होंने कहा कि रमजान महीने के आखिरी जुमे को अलविदा या जुमातुल विदा कहा जाता है। यूं तो इस माह के हर दिन की अहमियत है। रमजान के आखिरी जुमे की नमाज से रमजान के समापन का संदेश मिलता है। रहमत भरा महीना जाने के गम में अलविदा-अलविदा माह-ए-रमजान अलविदा कहा जाता हैं। ईद के आने की खुशी जहां लोगों में होती है, वहीं इस रहमत भरे महीने के जाने का गम भी होता है। अलविदा के माने रुखसत करना है।

