पोस्टमार्टम को लेकर परिजनों और पुलिस के बीच नोकझोंक, सीओ ने संभाला मोर्चा
महराजगंज। श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के कुड़वा उर्फ मुरकटिया टोला लंगड़ी गांव में गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब 45 वर्षीय शिव नारायण पुत्र रामअवध की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। खास बात यह है कि छह दिन पहले ही उनकी पत्नी की सिर कुचलकर हत्या कर दी गई थी, जिसकी जांच अभी तक जारी है। ऐसे में पति की मौत ने पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया है।
परिजनों के अनुसार शिव नारायण मानसिक रूप से मंदबुद्धि थे। उनकी मां रंजना देवी ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 10 बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और देखते ही देखते उनकी मौत हो गई। सूचना पर श्यामदेउरवा पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के दौरान परिजनों ने विरोध जताया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। परिजनों का कहना था कि वे पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे, जबकि पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का हवाला देते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की।
परिजनों ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान वीडियो बना रहे कुछ लोगों के मोबाइल फोन पुलिसकर्मियों ने अपने कब्जे में ले लिए। मामले की सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी सदर अंकुर गौतम भी गांव पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। इसके बाद पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने में सफल रही।

गौरतलब है कि 24 जुलाई की भोर में शिव नारायण की पत्नी की सिर कुचलकर हत्या कर दी गई थी। उस घटना का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। अब पति की संदिग्ध मौत के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और लोग दोनों घटनाओं को जोड़कर भी देख रहे हैं।
श्यामदेउरवा थाना प्रभारी सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पूरे मामले की जांच जारी है।

