हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज, 29 जुलाई। निषाद समाज से जुड़े लोगों ने निषाद समेत 16 उपजातियों को अनुसूचित जाति (एससी) का प्रमाणपत्र जारी किए जाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित विभिन्न अधिकारियों को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से वर्ष 2016 और 2017 में जारी शासनादेशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग उठाई गई।
ज्ञापन में कहा गया कि शासनादेश जारी होने के बावजूद प्रदेश के कई जिलों में संबंधित उपजातियों के लोगों को अब भी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का प्रमाणपत्र जारी किया जा रहा है। इसे समाप्त कर संबंधित सभी उपजातियों को अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की गई।
ज्ञापन में 10 अगस्त 1950 की राष्ट्रपति अधिसूचना, वर्ष 1961 की जनगणना मैनुअल तथा विभिन्न शासनादेशों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि मझवार, तुरैहा एवं उनकी पर्यायवाची जातियों को अनुसूचित जाति की श्रेणी में माना जाना चाहिए। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया कि देश के कई राज्यों में इन समुदायों को अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त है।
ज्ञापन के माध्यम से उत्तराखंड की तर्ज पर आवश्यक विधायी एवं प्रशासनिक कदम उठाकर संबंधित जातियों की स्पष्ट परिभाषा निर्धारित करने, अनुसूचित जाति आरक्षण की सीमा 21 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने तथा सभी पात्र परिवारों को एससी वर्ग के अंतर्गत मिलने वाले संवैधानिक अधिकार और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष रामनाथ निषाद, संगठन मंत्री अमरनाथ निषाद, गीता निषाद, बिंदा निषाद, दिनेश निषाद, रंजीत निषाद, सुभाष निषाद, आईटी सेल जिलाध्यक्ष बंशीधर निषाद, ब्लॉक अध्यक्ष छोटेलाल निषाद सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

