मिठौरा ब्लॉक के नदुआ ग्राम पंचायत का मामला, ग्रामीणों ने जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की उठाई मांग
महराजगंज। जनपद के मिठौरा विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत नदुआ में चल रहे राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अभियान के तहत घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के बजाय कुछ स्वास्थ्य कर्मियों ने केवल घरों के बाहर अभियान संबंधी चिन्ह और संदेश अंकित कर औपचारिकता पूरी कर दी।
ग्रामीणों के अनुसार सरकार पोलियो जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन के लिए व्यापक स्तर पर अभियान संचालित कर रही है, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रह जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव और घर-घर जाकर बच्चों को “दो बूंद जिंदगी की” पिलाती हैं। लेकिन नदुआ ग्राम पंचायत में अभियान के संचालन में लापरवाही बरते जाने का आरोप लगाया गया है।
बताया गया कि गांव स्थित मिश्रा भवन के मुख्य द्वार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा पोलियो अभियान के निर्धारित चिन्ह और संदेश अंकित कर दिए गए, जिससे यह प्रतीत हो रहा था कि घर के बच्चों को पोलियो की खुराक पिला दी गई है। जबकि परिवार के सदस्यों का दावा है कि उनके घर के किसी भी बच्चे को पोलियो ड्रॉप नहीं पिलाई गई।
मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है। उनका कहना है कि यदि इस प्रकार केवल रिकॉर्ड पूरा करने के उद्देश्य से अभियान चलाया गया तो कई बच्चे पोलियो की खुराक से वंचित रह सकते हैं, जिससे सरकार के पोलियो उन्मूलन अभियान की सफलता प्रभावित हो सकती है।
ग्रामीणों एवं सामाजिक लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उन्हें पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ धरातल पर लागू किया जाए।
इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिठौरा के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन पर जानकारी मिली कि संबंधित अधिकारी बाजार गए हुए हैं। उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। यदि विभाग की ओर से कोई प्रतिक्रिया प्राप्त होती है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

