सरकारी शिकायत नंबर बंद, अधिकारियों के फोन नहीं उठने से उपभोक्ताओं में आक्रोश
महराजगंज। भीषण गर्मी और उमस के बीच जनपद में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सदर, नौतनवा, निचलौल, फरेंदा, घुघली तथा परतावल क्षेत्र में रोजाना कई घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली विभाग न तो समय पर आपूर्ति सुनिश्चित कर पा रहा है और न ही शिकायतों का समाधान कर रहा है।
परतावल कस्बे समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार दिन में कई बार और रात में बार-बार बिजली कटने से लोगों की नींद हराम हो गई है। कई स्थानों पर तीन से चार घंटे तक लगातार बिजली गुल रहने से इन्वर्टर भी जवाब दे रहे हैं। व्यापारी, छात्र, किसान और आम उपभोक्ता सबसे अधिक प्रभावित हैं।
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली विभाग के सरकारी शिकायत नंबर पर संपर्क करने पर फोन बंद मिलता है, जबकि जिम्मेदार अधिकारियों के सीयूजी नंबर भी अक्सर रिसीव नहीं किए जाते। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। परतावल के व्यापारियों का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं बची है।
ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और खराब हैं। कई गांवों में 10 से 12 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं। रोस्टर के नाम पर की जा रही कटौती का कोई निर्धारित समय नहीं होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली संकट का असर पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। समरसेबल और पंप नहीं चल पाने से लोगों को पानी की समस्या झेलनी पड़ रही है। आटा चक्की, वेल्डिंग, सिलाई तथा अन्य छोटे उद्योगों का काम प्रभावित हो रहा है। छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है, वहीं अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में भी परेशानी बढ़ गई है।
धान की रोपाई के मौसम में बिजली कटौती किसानों के लिए भी बड़ी चुनौती बन गई है। पर्याप्त बिजली न मिलने से निजी नलकूप नहीं चल पा रहे हैं, जिससे किसान डीजल इंजन के सहारे सिंचाई करने को मजबूर हैं। इससे खेती की लागत बढ़ रही है।
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बढ़ती मांग, ओवरलोड तथा स्थानीय तकनीकी खराबियों के कारण बार-बार ट्रिपिंग की समस्या उत्पन्न हो रही है। विभाग के अनुसार विभिन्न स्थानों पर मरम्मत और सुधार कार्य भी चल रहे हैं।
इधर, परतावल सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार तथा अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।

