बरगदवा राजा में फर्जी हाजिरी और हैंडपंप मरम्मत में घोटाले का आरोप

उत्तर प्रदेश महाराजगंज



ग्रामीणों ने डीएम से की उच्चस्तरीय जांच की मांग, लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितता की आशंका


महराजगंज। सदर विकास खंड के ग्रामसभा बरगदवा राजा में मनरेगा कार्यों तथा इंडिया मार्क हैंडपंपों की मरम्मत में बड़े पैमाने पर अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मामले की गहन जांच होने पर लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितता उजागर हो सकती है।


ग्रामीण पवन कुमार यादव, जितेंद्र यादव पुत्र भुलई यादव, प्रवीण सहित अन्य लोगों ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि ग्रामसभा में संचालित मनरेगा कार्यों में वास्तविक मजदूरों की संख्या से अधिक लोगों की फर्जी हाजिरी लगाकर भुगतान कराया जा रहा है। आरोप है कि प्रधान परिवार से जुड़े कुछ लोगों के नाम भी मस्टर रोल में दर्ज कर सरकारी धन का भुगतान किया गया है।


शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कार्यस्थलों पर मौजूद मजदूरों की वास्तविक संख्या और सरकारी अभिलेखों में दर्ज आंकड़ों के बीच भारी अंतर है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका प्रबल हो गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मनरेगा योजना का लाभ पात्र मजदूरों तक पहुंचाने के बजाय कागजी अभिलेखों के आधार पर धन निकासी की जा रही है।


ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि ग्रामसभा में स्थापित कई इंडिया मार्क हैंडपंपों की मरम्मत कराए बिना ही मरम्मत मद में सरकारी धन का भुगतान कर लिया गया। उनका कहना है कि कई हैंडपंप आज भी खराब स्थिति में हैं, जबकि अभिलेखों में मरम्मत कार्य पूर्ण दर्शाकर भुगतान दिखाया गया है।


शिकायतकर्ताओं ने पूरे प्रकरण की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराए जाने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने स्वतंत्र एजेंसी अथवा किसी उच्चाधिकारी से जांच कराए जाने की भी मांग उठाई है।


उधर, ग्रामसभा में मनरेगा और हैंडपंप मरम्मत कार्यों में कथित अनियमितताओं की शिकायत सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल गर्म हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई आवश्यक है।


अब निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि जिलाधिकारी स्तर पर शिकायत को कितनी गंभीरता से लिया जाता है और जांच के बाद क्या कार्रवाई सामने आती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *