मायके पक्ष ने लगाया दहेज हत्या का आरोप, पुलिस जांच में जुटी
हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
भिटौली (महराजगंज)। भिटौली थाना क्षेत्र के बरगदही गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। जिस घर में अगले दिन सोमवार को बेटी के मुंडन संस्कार की तैयारियां चल रही थीं, वहां अचानक मातम छा गया। मृतका के मायके पक्ष ने ससुरालियों पर दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार बरगदही निवासी राजभान की पत्नी प्रीति (28) का शव देर रात घर के कमरे में संदिग्ध अवस्था में मिला। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतका के पिता रामप्यारे ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि पांच वर्ष पूर्व उन्होंने अपनी पुत्री की शादी राजभान के साथ की थी। विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा फ्रिज, कूलर समेत अन्य सामान की मांग को लेकर प्रीति को प्रताड़ित किया जाता था। आरोप है कि पति भी अक्सर उसके साथ मारपीट करता था और दहेज को लेकर विवाद होता रहता था।
परिजनों के मुताबिक घटना वाली रात कपड़ों की खरीदारी को लेकर घर में कहासुनी हुई थी। इसके बाद परिवार के सदस्य अपने-अपने कमरों में चले गए। देर रात करीब एक बजे प्रीति की छोटी बेटी अपनी मां को खोजने लगी। बच्ची को लेकर उसकी मौसी रूपा कमरे में पहुंची तो प्रीति बिस्तर पर अचेत अवस्था में मिली।
रूपा का आरोप है कि पूछने पर परिवार के लोगों ने बताया कि प्रीति कुछ समय पहले फंदे से लटकी हुई थी, जिसे नीचे उतार लिया गया था। मृतका की बहन का कहना है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था और घर में अक्सर तनाव का माहौल बना रहता था।
मायके पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि घटना की सूचना उन्हें तत्काल नहीं दी गई और मोबाइल फोन तक उपलब्ध नहीं कराया गया। किसी तरह मृतका के फोन से सूचना देकर परिजनों को घटना की जानकारी दी गई। आरोप है कि एम्बुलेंस बुलाने के बजाय प्रीति को निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
थाना प्रभारी सत्येंद्र कुमार राय के मुताबिक मृतका के पिता की तहरीर प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल विवाहिता की मौत आत्महत्या है या दहेज उत्पीड़न से जुड़ा कोई गंभीर मामला, इसका खुलासा पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

