क्यूआर कोड भुगतान विवाद में पूछताछ के लिए बुलाया गया था छात्र, पूछताछ के बाद सकुशल परिजनों को सौंपा गया; जानकारी देने से बचती रही पुलिस
हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
(परतावल) महराजगंज। श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के एक गांव के 13 वर्षीय छात्र को स्कूल से घर लौटने के कुछ देर बाद पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए थाने ले जाने की घटना से बुधवार को क्षेत्र में हड़कंप मच गया। छात्र के थाने ले जाए जाने की सूचना मिलते ही परिजनों में अफरा-तफरी मच गई, जबकि गांव में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। बाद में पुलिस ने पूछताछ पूरी होने के बाद छात्र को सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत पिपरिया निवासी आर्यन (13), जो परतावल स्थित एक निजी विद्यालय में कक्षा सात का छात्र है, बुधवार दोपहर स्कूल से घर लौटा ही था कि पुलिस उसके घर पहुंच गई। उस समय उसके पिता हसरुद्दीन रोज़गार के सिलसिले में बाहर थे और घर पर उसकी मां अकेली थीं। पुलिस छात्र को अपने साथ श्यामदेउरवा थाने ले गई। इससे घबराई मां भी तत्काल थाने पहुंचीं, जहां उन्हें बताया गया कि छात्र से एक कमरे में पूछताछ की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने क्यूआर कोड के माध्यम से किए गए ऑनलाइन भुगतान के दौरान धनराशि फंस जाने की शिकायत पुलिस से की थी। इसी शिकायत के सिलसिले में छात्र से पूछताछ की गई।
हालांकि, पूरे मामले को लेकर श्यामदेउरवा पुलिस का रवैया सवालों के घेरे में रहा। प्रभारी निरीक्षक अक्षय कुमार सिंह और अन्य पुलिसकर्मियों से घटना की जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट जानकारी देने से परहेज किया और टालमटोल करते रहे।
उधर, क्षेत्राधिकारी सदर अंकुर कुमार गौतम ने बताया कि क्यूआर कोड भुगतान संबंधी शिकायत की जांच के क्रम में छात्र को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। आवश्यक पूछताछ पूरी होने के बाद उसे सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
घटना के बाद क्षेत्र में इस बात को लेकर भी चर्चा रही कि एक नाबालिग छात्र को पूछताछ के लिए थाने लाने की प्रक्रिया और उसके तौर-तरीकों को लेकर पुलिस को अधिक संवेदनशीलता बरतनी चाहिए थी।

