हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज, 30 मई 2026। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने शनिवार को विकास भवन सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर जनपद में संचालित विकासपरक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने आगामी एक वर्ष के लिए विभागवार लक्ष्य निर्धारित करते हुए प्रभावी एवं समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने आईसीडीएस, बेसिक शिक्षा, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, पशुपालन, वन विभाग, मनरेगा तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर परिणाम के रूप में प्रदर्शित करना सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रत्येक विभाग को आगामी एक वर्ष की स्पष्ट कार्ययोजना एवं अपेक्षित उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण तैयार करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के आंकड़ों का गहन विश्लेषण करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित विभाग कमजोर संकेतकों की पहचान कर सुधार के लिए विशेष रणनीति तैयार करें, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान डीएम ने मिशन कायाकल्प के अंतर्गत सभी परिषदीय विद्यालयों को शत-प्रतिशत संतृप्त करने पर बल दिया। उन्होंने नामांकन वृद्धि, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण तथा विद्यालयों में स्वच्छता, पुस्तकालय, खेल गतिविधियों और डिजिटल संसाधनों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
ग्राम्य विकास एवं मनरेगा की समीक्षा में जिलाधिकारी ने मनरेगा से निर्मित परिसंपत्तियों का भौतिक सत्यापन कराने और उन्हें पूरी तरह क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने मनरेगा कार्यों को जल संरक्षण, पौधारोपण, सामुदायिक परिसंपत्तियों और ग्रामीण आधारभूत ढांचे के विकास से जोड़ने पर जोर दिया। साथ ही परफॉर्मेंस ग्रांट प्राप्त ग्राम पंचायतों को मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने की योजना पर कार्य करने को कहा।
पंचायतीराज विभाग को सभी ग्राम पंचायतों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने निर्माणाधीन प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिटों को शीघ्र पूर्ण कर संचालन शुरू कराने पर भी जोर दिया।
पशुपालन विभाग की समीक्षा में जिलाधिकारी ने गोसदन मधवलिया को जनपद का आदर्श गोसदन विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निराश्रित गोवंशों के संरक्षण, पर्याप्त चारे की उपलब्धता, स्वच्छता एवं पशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर बल दिया।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की समीक्षा के दौरान डीएम ने महिला स्वयं सहायता समूहों को बैंक लिंकेज, स्वरोजगार, विपणन एवं कौशल विकास गतिविधियों से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक विकास खंड में सफल स्वयं सहायता समूहों के मॉडल विकसित करने पर जोर दिया।
वृक्षारोपण अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पौधारोपण से पहले गड्ढों की खुदाई समय से पूरी कराने तथा पौधों के संरक्षण और जीवितता प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं की सफलता का आकलन केवल खर्च की गई धनराशि से नहीं, बल्कि आमजन को मिलने वाले वास्तविक लाभ और उसके प्रभाव से किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को नियमित फील्ड भ्रमण, जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण और विभागीय समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक से पूर्व डीएम ने विकास भवन परिसर का निरीक्षण कर नवनिर्मित सभागार को शीघ्र क्रियाशील करने तथा परिसर को स्वच्छ, हरित और जनोपयोगी बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी निरंजन सुर्वे राजेंद्र, जिला विकास अधिकारी भोलानाथ कन्नौजिया, परियोजना निदेशक राम दरश चौधरी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एजाज अहमद, उपायुक्त मनरेगा गौरवेंद्र सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


