हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस सप्ताह वॉशिंगटन डीसी में होने वाली अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों में शामिल नहीं होंगी।
सूत्रों के मुताबिक, यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार नीतियों और रूस से तेल आयात को लेकर मतभेद गहराते जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि सीतारमण का दौरा रद्द होना इन कूटनीतिक परिस्थितियों से जुड़ा हुआ है।
इस उच्चस्तरीय बैठक में अब भारत की ओर से वित्त मंत्रालय की आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर प्रतिनिधित्व करेंगी। वे भारत के आर्थिक दृष्टिकोण, वैश्विक मुद्रास्फीति और विकास से जुड़ी चर्चाओं में हिस्सा लेंगी।
IMF और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकें वैश्विक आर्थिक नीतियों के लिए अहम मानी जाती हैं, जहां सदस्य देशों के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक गवर्नर हिस्सा लेते हैं। भारत की अनुपस्थिति को कूटनीतिक संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
संबंधित सूत्रों का कहना है, “भारत अपनी स्वतंत्र ऊर्जा नीति और व्यापारिक हितों से समझौता नहीं करेगा, भले ही दबाव कहीं से भी आए।”

