कुशीनगर। पत्नी और दो मासूम बच्चों की निर्मम हत्या के करीब पांच वर्ष पुराने चर्चित मामले में जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार त्यागी की अदालत ने आरोपी पति को तीन हत्याओं का दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ (दुर्लभतम में दुर्लभ) श्रेणी का मामला माना और दोषी पर तीन लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
अभियोजन के अनुसार, वर्ष 2021 में तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के किशुनदास पट्टी निवासी राजेश गुप्ता ने अवैध संबंधों के शक में अपनी पत्नी निक्की तथा दो मासूम पुत्रों शिवम (7 वर्ष) और आयुष (3 वर्ष) की बेरहमी से हत्या कर दी थी। घटना छह सितंबर 2021 की रात की बताई गई, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था।
मृतका के भाई अमर गुप्ता, निवासी बेलवा खुर्द (बेलवा कारखाना), की तहरीर पर तुर्कपट्टी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था और बाद में उसके विरुद्ध अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 11 गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। सभी तथ्यों और प्रमाणों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि पत्नी और दो मासूम बच्चों की नृशंस हत्या समाज के लिए अत्यंत गंभीर अपराध है, इसलिए दोषी किसी भी प्रकार की नरमी का पात्र नहीं है।
फैसले के बाद अदालत ने राजेश गुप्ता को मृत्युदंड तथा तीन लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इस निर्णय को जिले के चर्चित आपराधिक मामलों में एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।

