फरेन्दा विद्युत विभाग पर लापरवाही या अवैध वसूली का आरोप
(हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो) महराजगंज जिले के फरेन्दा क्षेत्र में बिजली बिल को लेकर एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक उपभोक्ता को मात्र तीन यूनिट बिजली खपत पर ₹1745 का बिल थमा दिया गया, जिससे गांव के लोगों में नाराजगी फैल गई है।
मामला आनंदनगर विद्युत वितरण खंड (EDD-II) के अंतर्गत आने वाले बरगदवा विषुनपुर गांव का है। यहां की उपभोक्ता इसरावती के नाम से जारी बिजली बिल में कई विसंगतियां सामने आई हैं। विभाग द्वारा 3 मार्च 2026 को जारी बिल के अनुसार पिछली मीटर रीडिंग 445 यूनिट और वर्तमान रीडिंग 448 यूनिट दर्ज की गई है। यानी लगभग छह महीने में केवल तीन यूनिट बिजली की खपत दिखाई गई है।
इसके बावजूद उपभोक्ता को ₹1745 जमा करने का नोटिस दिया गया है। बिल में यह भी दर्शाया गया है कि उपभोक्ता पर पहले से ₹3868.92 का बकाया है, जिस पर लेट पेमेंट सरचार्ज (LPSC) जोड़कर कुल देय राशि बढ़ा दी गई है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि इतने बड़े बकाये की स्पष्ट जानकारी कभी नहीं दी गई और न ही उपभोक्ता को इसका कोई संतोषजनक विवरण मिला।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग बिना सही जांच किए मनमाने ढंग से बकाया जोड़कर बिल भेज रहा है, जिससे गरीब और ग्रामीण उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार गांव में कई उपभोक्ताओं के साथ इसी तरह की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने मांग की है कि बिजली विभाग इस बिल की निष्पक्ष जांच कर सही बिल जारी करे और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
उधर विभाग ने उपभोक्ताओं को 10 मार्च 2026 तक बिल जमा करने की अंतिम तिथि दी है। भुगतान न होने की स्थिति में 17 मार्च 2026 को कनेक्शन काटने की चेतावनी भी दी गई है। इससे उपभोक्ता और अधिक चिंतित हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे इस मामले को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने के साथ आंदोलन का रास्ता भी अपनाएंगे।

