पुल के बीचों-बीच वाहन खड़ा करने से थमा यातायात, शिक्षा विभाग के अधिकारी पर उठे सवाल
महराजगंज जनपद के शिकारपुर चौराहे पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब माध्यमिक शिक्षा परिषद से जुड़े जिला स्तरीय अधिकारी की गाड़ी पुल के बीचों-बीच खड़ी कर दी गई। आरोप है कि वाहन संख्या UP 56 AT 4783 पर “उत्तर प्रदेश सरकार” और “डीआईओएस” अंकित था। वाहन खड़े होने से दोनों ओर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और लगभग आधे घंटे तक लंबा जाम लगा रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संकरी पुलिया पर बीच मार्ग में गाड़ी रोक दिए जाने से आवागमन थम गया। देखते ही देखते चारपहिया और दोपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्कूल बसें, एंबुलेंस तथा कार्यालय जाने वाले लोग जाम में फंसे रहे। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों में इसको लेकर खासा आक्रोश देखा गया।
शिकारपुर चौराहा पहले से ही अतिक्रमण, अव्यवस्थित पार्किंग और संकरी पुलिया के कारण जाम की समस्या से जूझता रहा है। ऐसे में पुल के मध्य वाहन खड़ा करना लोगों ने लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना आचरण करार दिया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी समाज में अनुशासन और आदर्श का संदेश देने वाले पद पर होते हैं। यदि जिम्मेदार अधिकारी ही यातायात नियमों की अनदेखी करेंगे, तो आम जनता पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
घटना को लेकर क्षेत्रीय लोगों ने जिला प्रशासन से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि नियम सभी के लिए समान होने चाहिए, चाहे वह आम व्यक्ति हो या किसी विभाग का वरिष्ठ अधिकारी।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और शिकारपुर चौराहे की लगातार बनी रहने वाली जाम समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।


