महराजगंज। परतावल ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कथित अनियमितताओं को लेकर प्रशासन हरकत में आ गया है। खेतों में फसल खड़ी होने के बावजूद समतलीकरण और मेड़बंदी के कार्य दर्शाए जाने के आरोपों को गंभीर मानते हुए डीसी मनरेगा गौरवेंद्र सिंह ने खंड विकास अधिकारी परतावल से लिखित जवाब तलब किया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच के लिए ब्लॉक स्तर पर तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार परतावल ब्लॉक की 21 ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के अंतर्गत समतलीकरण से जुड़े कुल 77 कार्य अभिलेखों में दर्ज पाए गए हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे कार्य शामिल हैं, जिन्हें दिसंबर और जनवरी माह में निजी खेतों में कराए जाने का दावा किया गया है, जबकि वास्तविकता में उस समय खेतों में गेहूं की फसल लहलहा रही थी। शिकायतकर्ता योगेश, निवासी कतौरा (देवरिया), का कहना है कि तराई क्षेत्र होने के कारण यहां बुआई नवंबर के अंत तक पूरी हो जाती है, ऐसे में खड़ी फसल के बीच कार्य होना नियमों के विपरीत है।
शिकायत में मनरेगा से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। मामले के उजागर होते ही प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है। जांच समिति को संबंधित अभिलेखों, जॉब कार्ड और कार्य स्थलों का सत्यापन कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।



