हर्षोदय टाइम्स / बिमलेश कुमार पाण्डेय
घुघली / महराजगंज । आज 23 जनवरी को जब पूरा देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती श्रद्धा, सम्मान और गर्व के साथ मना रहा था, उसी दिन घुघली नगर पंचायत की लापरवाही और संवेदनहीनता खुलकर सामने आ गई। नगर के प्रमुख चौराहे पर स्थापित नेताजी की प्रतिमा धूल और गंदगी से सनी रही, मानो प्रशासन को इस ऐतिहासिक दिवस की कोई जानकारी ही न हो।
जयंती से पहले प्रतिमा स्थल की साफ-सफाई तक नहीं कराई गई। प्रतिमा का चबूतरा, आसपास का परिसर और सीढ़ियाँ धूल की मोटी परत से ढकी रहीं। इस अव्यवस्था के बीच स्कूली बच्चों ने पुष्प अर्पित कर नेताजी को नमन किया। बच्चों की श्रद्धा ने प्रशासनिक लापरवाही को और भी शर्मनाक बना दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत केवल औपचारिकताओं तक सीमित रह गई है। राष्ट्रीय महापुरुषों की जयंती पर दिखावटी कार्यक्रम तो हो जाते हैं, लेकिन सम्मान की बुनियादी जिम्मेदारी निभाने में प्रशासन पूरी तरह विफल है।
नगर पंचायत की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान सिर्फ भाषणों और पुष्पांजलि तक ही सीमित है? क्या प्रतिमाओं की साफ-सफाई और रख-रखाव भी प्रशासन के दायित्व में नहीं आता?
स्थानीय नागरिकों में इस लापरवाही को लेकर आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने मांग की है कि नगर पंचायत प्रशासन इस मामले में जवाबदेही तय करे और भविष्य में ऐसे राष्ट्रीय अपमान की पुनरावृत्ति न हो।
नेताजी ने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, लेकिन उनकी जयंती पर घुघली नगर पंचायत ने जो तस्वीर पेश की, वह प्रशासनिक उदासीनता का जीता-जागता उदाहरण बन गई है।

