हर्षोदय टाइम्स / सुनील मणि त्रिपाठी
फरेंदा /महाराजगं । फरेंदा तहसील के धानी ब्लॉक अंतर्गत धानी सहित कई गांवों में मतदाता सूची से नाम कटने की अफवाह के चलते ग्रामीणों में भय और भ्रम की स्थिति बनी हुई है। गांव-गांव में चर्चा है कि बड़ी संख्या में लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, जिससे आम मतदाता परेशान नजर आ रहा है।

वर्तमान में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत मतदाता सूची को अपडेट किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में विधानसभा निर्वाचक नामावली 2022 (एस-24 उत्तर प्रदेश) तथा राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश के अंतर्गत पंचायत निर्वाचन नामावली 2025 की विलोपन व परिवर्तन सूची तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य मृतक मतदाताओं के नाम हटाना तथा अन्य राज्यों में स्थायी रूप से बस चुके डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम सूची से हटाना है।
इसी क्रम में नो-मैपिंग श्रेणी में चिह्नित मतदाताओं का सत्यापन किया जा रहा है, जिसके चलते धानी ब्लॉक के कई गांवों में नाम कटने की चर्चाएं तेज हो गईं। ग्रामीणों का कहना है कि अकेले धानी गांव में ही लगभग 1200 मतदाताओं के नाम कटने की आशंका से लोग भयभीत हैं।
धानी गांव के पूर्व प्रधान अरविन्द मणि और पीयूष मणि ने बताया कि मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी की चर्चा से ग्रामीण परेशान हैं और जल्द सुधार जरूरी है। वहीं, वर्तमान ग्राम प्रधान वृजेश मणि त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि यह गड़बड़ी बीएलओ स्तर की नहीं बल्कि तहसील कर्मियों की लापरवाही का परिणाम है।
मामले पर एडी पंचायत धानी ने स्पष्ट किया कि किसी का नाम नहीं काटा गया है। सूची में केवल आधार नंबर फीड किए जाने हैं। जो मतदाता अपना आधार सत्यापन नहीं कराएंगे, उनका नाम भविष्य में विलोपन सूची में जा सकता है। सभी बीएलओ घर-घर संपर्क कर रहे हैं।
इस संबंध में तहसीलदार फरेंदा वशिष्ठ वर्मा ने कहा कि मतदाताओं से आपत्तियां ली जा रही हैं। कोई भी नागरिक अपने संबंधित बीएलओ या ब्लॉक कार्यालय में आपत्ति दर्ज करा सकता है।
उन्होंने साफ कहा कि किसी जीवित मतदाता का नाम नहीं कटेगा, केवल मृतक अथवा दूसरे प्रदेश में स्थायी रूप से निवास कर रहे मतदाताओं के नाम ही हटाए जाएंगे।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और अपने मताधिकार की सुरक्षा के लिए समय रहते आधार कार्ड की प्रति बीएलओ को उपलब्ध कराएं।


