हर्षोदय टाइम्स/अर्जुन चौधरी
निचलौल/महराजगंज- जनपद के निचलौल तहसील में भ्रष्टाचार के एक मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। न्यायालय के आदेश का पालन कराने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में एक हल्का लेखपाल को निलंबित कर दिया गया। मामले की जांच में शिकायत सही पाए जाने पर उपजिलाधिकारी ने कार्रवाई की। पीड़ित द्वारा एसडीएम को दिए गए शिकायती पत्र के आधार पर यह कदम उठाया गया।

नगर पालिका परिषद सिसवा बाजार के वार्ड संख्या-16 सरदार पटेल नगर निवासी प्रमोद कुमार चौधरी ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। उनके बाबा रामधनी द्वारा अपनी भूमि के खाता बंटवारे को लेकर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा 116 के अंतर्गत निचलौल तहसील न्यायालय में वाद दाखिल किया गया था। इस पर न्यायालय ने 30 सितंबर 2025 को आदेश पारित करते हुए संबंधित हल्का लेखपाल को कुर्राफाट एवं रंगभेदी नक्शा तैयार करने का निर्देश दिया था।
शिकायत के अनुसार, न्यायालय के आदेश का पालन कराने के लिए 28 दिसंबर 2025 को प्रमोद कुमार चौधरी ने हल्का लेखपाल से संपर्क किया, जहां लेखपाल ने काम करने के बदले चार हजार रुपये की मांग की। आरोप है कि प्रमोद ने मौके पर 300 रुपये दे दिए और शेष राशि बाद में देने की बात कही। बाद में आर्थिक परेशानी के चलते शेष रकम न दे पाने पर जब वह 9 जनवरी 2026 को पुनः लेखपाल से मिले, तो लेखपाल ने उन्हें अपमानित करते हुए भगा दिया और कार्य करने से इनकार कर दिया।
पीड़ित का आरोप है कि संबंधित लेखपाल लंबे समय से उसी क्षेत्र में पदस्थ हैं और गरीब व जरूरतमंद फरियादियों से अवैध वसूली करते आ रहे हैं। शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने से संबंधित बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध होने का दावा करते हुए उसे साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया है।
उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता के अनुसार मामले की विधिवत जांच कराई गई, जिसमें प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद हल्का लेखपाल अंशुमान महतो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रकरण में आगे भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

