हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
नौतनवा/महराजगंज- गोरखा भूतपूर्व सैनिक स्कूल के संचालन को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर आखिरकार सोमवार को विराम लग गया। उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश के अनुपालन में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्कूल का ताला तुड़वाया और विद्यालय संचालन की पूरी जिम्मेदारी संस्था के अधिकृत पदाधिकारियों को सौंप दी। इस कार्रवाई के दौरान मौके पर काफी देर तक गहमा-गहमी का माहौल रहा।
एसडीएम नौतनवा नवीन प्रसाद के नेतृत्व में खंड शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीपुर पिंगल राणा, नायब तहसीलदार सौरभ श्रीवास्तव एवं अन्य अधिकारी सोमवार को स्कूल परिसर पहुंचे। गेट बंद मिलने और दूसरे पक्ष की अनुपस्थिति के कारण प्रशासन ने नियमानुसार ताला तोड़कर प्रवेश किया। इसके बाद उच्च न्यायालय के आदेश का पालन कराते हुए स्कूल का संपूर्ण चार्ज प्रबंधक रामकुमार थापा को सौंप दिया गया।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने 31 अक्टूबर को विद्यालय संचालन का पदभार रामकुमार थापा को स्थानांतरित करने के निर्देश दिए थे। इसके क्रम में सहायक रजिस्ट्रार गोरखपुर ने 22 नवंबर 2025 को बीएसए महराजगंज को आदेश पालन संबंधी पत्र भेजा था। बीएसए द्वारा 22 दिसंबर 2025 को एबीएसए लक्ष्मीपुर को निर्देशित किया गया था कि न्यायालय के आदेश के अनुसार विद्यालय का चार्ज सौंपने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन ने दूसरे पक्ष को अपना पक्ष रखने के लिए सोमवार तक का समय दिया था, लेकिन तय समय तक कोई उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद न्यायालय के आदेश का पालन कराते हुए प्रशासन ने कार्रवाई को अंतिम रूप दिया।
विद्यालय को लेकर चल रहे विवादों के कारण विद्यार्थियों के भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। बीते दिनों पूर्व सैनिकों व समाज के लोगों के साथ रामकुमार थापा द्वारा तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन के बाद मामला प्रशासन के संज्ञान में आया था, जिसके बाद यह निर्णायक कदम उठाया गया।
इस संबंध में एसडीएम नवीन प्रसाद ने बताया कि न्यायालय के आदेश का शत-प्रतिशत पालन कराया गया है और विद्यालय संचालन का पदभार विधिवत स्थानांतरित कर दिया गया है। इससे अब स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था सुचारु होने की उम्मीद जताई जा रही है।

