हर्षोदय टाइम्स/विवेक कुमार पाण्डेय
सूर्योदय के बाद ही मान्य होगा पुण्यकाल, सुबह से दोपहर 1:39 बजे तक श्रेष्ठ मुहूर्त
भिटौली/महाराजगंज: इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी नहीं बल्कि 15 जनवरी को मनाया जाएगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी की रात 9:39 बजे होगा, लेकिन शास्त्रों के अनुसार सूर्योदय के बाद का समय ही संक्रांति का पुण्यकाल माना जाता है, इसी कारण पर्व अगले दिन मनाया जाएगा।
श्री दुर्गा जी उमाशंकर संस्कृत विद्यापीठ लक्ष्मीपुर एकडंगा के प्रधानाचार्य ज्योतिषाचार्य पंडित रविंद्र नाथ पाण्डेय ने बताया कि मकर संक्रांति का कुल पुण्यकाल लगभग 16 घंटे का रहेगा, लेकिन स्नान, दान और जप के लिए श्रद्धालुओं को केवल 15 जनवरी की सुबह से दोपहर 1:39 बजे तक का ही विशेष मुहूर्त प्राप्त होगा। रात्रि में संक्रांति होने की स्थिति में दान-पुण्य निषिद्ध माना गया है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सूर्य सहित सभी ग्रहों की संक्रांति हर माह होती है, लेकिन सूर्य की संक्रांति को विशेष पुण्यदायी माना गया है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण में प्रवेश करता है, जिसे देवताओं के दिन का आरंभ माना जाता है। इस दिन स्नान-दान से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
पंचमुखी यक्षविनायक मंदिर के महंत व ज्योतिषाचार्य डॉ. रविकांत तिवारी ने बताया कि इस बार मकर संक्रांति गुरुवार को पड़ रही है, जो अत्यंत शुभ मानी जाती है। इस दिन खिचड़ी का दान और सेवन विशेष फलदायी होता है। मकर संक्रांति सूर्य और शनिदेव से जुड़ा पर्व है, जिसमें शनि की प्रिय खिचड़ी नवग्रहों का प्रतीक मानी जाती है, जिससे ग्रह दोष शांत होते हैं और नकारात्मक प्रभाव संतुलित होते हैं।

