हर्षोदय टाइम्स/बिमलेश कुमार पाण्डेय
विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर दुर्गावती देवी इंटर कॉलेज में विचार व्यक्त करतीं प्रधानाचार्या करुणामणि पटेल एवं उपस्थित शिक्षकगण।
भिटौली: हिंदी का वैश्विक स्तर पर अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार और सशक्तिकरण के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। इसी क्रम में दुर्गावती देवी इंटर कॉलेज, प्रयाग नगर भैंसा में विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर एक विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था की प्रधानाचार्या करुणामणि पटेल ने कहा कि आज हिंदी केवल साहित्य और संस्कृति की भाषा नहीं रही, बल्कि यह टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की दुनिया में भी तेज़ी से अपनी पहचान बना रही है। उन्होंने कहा कि दुनिया के अनेक देशों में बसे भारतीय हिंदी के माध्यम से एकता के सूत्र में बंधे हुए हैं।
संस्था के संस्थापक प्रबंधक उपेंद्र मिश्र ने कहा कि हिंदी भारतीयता की पहचान है। यह भाषा हमें संस्कार, संस्कृति और मूल्यबोध से जोड़ती है तथा समाज को एक सुयोग्य दिशा प्रदान करती है।
वर्ष 2026 की थीम ‘पारंपरिक ज्ञान से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक हिंदी’ पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने कहा कि हिंदी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल प्लेटफॉर्म, कोडिंग और नई तकनीकों में भी प्रभावी रूप से उपयोग की जा रही है। सरकार भी हिंदी को डिजिटल युग के अनुरूप सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
कार्यक्रम में उप प्रधानाचार्य आर.के. तिवारी ने कहा कि हिंदी केवल भारत में ही नहीं, बल्कि लगभग 100 देशों में बोली और समझी जाती है, जो इसकी वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है।
इस अवसर पर रमेश चंद पटेल, मनमीत कुमार पटेल, उषा सिंह, नेहा मद्धेशिया, सीमा पांडे, अमित गिरी, श्रवण विश्वकर्मा, महेंद्र उपाध्याय, गंगेश वर्मा, राहुल जायसवाल, अभिषेक जायसवाल सहित अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

