किसानों पर पानी का वार! नहर की मनमानी से डूबी गेहूं की फसल, प्रशासन मौन

उत्तर प्रदेश महाराजगंज

हर्षोदय टाइम्स / विवेक कुमार पाण्डेय

महराजगंज क्षेत्र में बल्लो से निकलकर भीसवां होते हुए अजमतपुर की ओर जाने वाली बड़ी नहर किसानों के लिए जीवनरेखा नहीं, बल्कि विनाश का कारण बनती जा रही है। नहर में जरूरत से कहीं अधिक पानी छोड़े जाने से आसपास के खेत जलमग्न हो गए हैं और किसानों की खड़ी गेहूं की फसल पानी में डूबकर नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई है।


प्रभावित किसानों कन्हैया, गोविंद, अमरजीत, रामचंद्र, श्रीराम, कैलाश सिंह, रामविलास, रामप्रीत, रामनारायन सहित दर्जनों किसानों का आरोप है कि नहर का संचालन बिना किसी निगरानी और संतुलन के किया जा रहा है। खेतों में कई दिनों से भरा पानी फसल को सड़ा रहा है, जिससे किसानों की सालभर की मेहनत बर्बादी में बदलती नजर आ रही है।


किसानों का कहना है कि यदि तत्काल नहर में पानी की मात्रा नियंत्रित नहीं की गई तो भारी आर्थिक नुकसान तय है। ग्रामीणों ने बताया कि हर साल इसी तरह नहर संचालन की लापरवाही किसानों पर कहर बनकर टूटती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग सिर्फ आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लेते हैं।


पीड़ित किसानों ने सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसानों की डूबती फसलों को बचाने के लिए तुरंत कदम उठाएगा, या फिर नहर की मनमानी यूं ही किसानों की कमर तोड़ती रहेगी?

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