हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज। सरकार द्वारा किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के उद्देश्य से संचालित साधन सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जनपद के पनियरा साधन सहकारी समिति स्थित धान क्रय केंद्र पर किसानों ने गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि क्रय केंद्र पर नियमों को ताक पर रखकर गल्ला व्यापारियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि वास्तविक किसान दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
आरोप है कि किसानों को कभी बोरे की कमी तो कभी गोदाम में जगह न होने का हवाला देकर वापस लौटा दिया जाता है, लेकिन व्यापारियों का धान बिना किसी अड़चन के तौला जा रहा है। जिन किसानों का धान तौला भी गया, वहां नमी और गुणवत्ता के नाम पर प्रति कुंतल कई किलो की अवैध कटौती की गई। किसानों का दावा है कि यह कटौती खुलेआम की जा रही है और विरोध करने पर उन्हें अगली तारीख देकर टाल दिया जाता है।
पनियरा और आसपास के गांवों के किसानों ने बताया कि कई बार समिति के चक्कर लगाने के बावजूद उनका धान नहीं तौला गया, जबकि कागजों में बड़े पैमाने पर खरीद दिखा दी गई है। किसानों का आरोप है कि गोदाम की सीमित क्षमता के बावजूद हजारों कुंतल धान की तौल दर्शाकर फर्जीवाड़ा किया गया और निजी व्यापारियों को लाभ पहुंचाया गया। कुछ किसानों ने रात के समय अंगूठा लगवाकर कागजी तौल दिखाने का भी आरोप लगाया है।
पीड़ित किसानों ने शासन और जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसानों का भरोसा सरकारी क्रय व्यवस्था से उठ जाएगा। किसानों ने दोषी सचिव, कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि तभी सरकारी धान क्रय केंद्र अपने वास्तविक उद्देश्य को पूरा कर पाएंगे।

