हर्षोदय टाइम्स से अर्जुन चौधरी
महराजगंज- मनरेगा मजदूर संघ (उत्तर प्रदेश) ने ग्रामीण बेरोजगारों को उनके अधिकारों से अवगत कराने और मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्धता सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
इस ज्ञापन में संघ ने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम-2005 के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों को प्रति वर्ष 100 दिनों के रोजगार का वैधानिक अधिकार है, लेकिन वर्तमान समय में ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण रोजगार की मांग और कार्यों में गिरावट देखी जा रही है।
संघ के अनुसार, जिले में बड़ी संख्या में जॉब कार्ड धारक निष्क्रिय हो चुके हैं, जिससे मनरेगा योजना का लाभ पूरी तरह नहीं मिल पा रहा है। इसी को देखते हुए मनरेगा मजदूर संघ आगामी माह 1 जनवरी 2026 से एक व्यापक जागरूकता एवं सर्वेक्षण अभियान शुरू करेगा। अभियान के तहत ग्रामीण श्रमिकों को मनरेगा के अधिकारों की जानकारी दी जाएगी, रोजगार मांग पत्र भरवाने में सहायता की जाएगी तथा नए जॉब कार्ड आवेदन और पुराने जॉब कार्ड के नवीनीकरण में सहयोग किया जाएगा। संघ ने यह भी बताया कि अभियान के दौरान स्वेच्छा से संगठन की वार्षिक सदस्यता लेने वाले श्रमिकों को सदस्य बनाया जाएगा, जिससे मजदूरों का संगठनात्मक ढांचा मजबूत हो सके और क्षेत्रीय स्तर पर उनके अधिकारों की आवाज बुलंद हो।
ज्ञापन में जिलाधिकारी से अनुरोध किया गया कि जिला प्रशासन इस अभियान में मनरेगा विभाग, ग्राम पंचायतों, खंड विकास कार्यालयों और संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करे, ताकि ग्रामीण बेरोजगारों को उनके अधिकारों की जानकारी और रोजगार दोनों मिल सकें।
इस मौके पर संघ के जिलाध्यक्ष शिवचरन निषाद सहित कार्यकर्त्ता सीमा चौधरी, गीता, पुष्पा, वंदना, सरस्वती, रेशमा, सरोज, साधन और रीता सहित अन्य श्रमिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। संघ का कहना है कि प्रशासनिक सहयोग से यह अभियान सफल होगा और ग्रामीण श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।

