घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने रोक दिया जुलूस, विधायक मनीष जायसवाल और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे; एसपी ने जांच के आदेश दिए
हर्षोदय टाइम्स/अजय कुमार पाठक
पडरौना /कुशीनगर। लक्ष्मी प्रतिमा के विसर्जन जुलूस के दौरान गुरुवार की शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब आतिशबाजी और अबीर-गुलाल फेंकने को लेकर पुलिसकर्मी और युवकों के बीच कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ी कि मिश्रौली चौकी इंचार्ज शनि जावला ने गुस्से में आकर लाठी चला दी। डंडे बरसने से दिव्यांग समेत कई युवक घायल हो गए।
घटना पडरौना कोतवाली क्षेत्र के बड़हरा गांव की है, जहां जुलूस गांव से निकलकर विसर्जन स्थल की ओर जा रहा था। इसी दौरान कुछ युवक एक-दूसरे पर अबीर-गुलाल और पटाखे छोड़ने लगे। चौकी इंचार्ज ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन युवक नहीं माने। आरोप है कि इससे नाराज दारोगा ने भीड़ में मौजूद युवकों पर लाठीचार्ज कर दिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से भगदड़ मच गई और कई लोग घायल हो गए।
घटना की जानकारी फैलते ही गांव में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने जुलूस रोककर प्रदर्शन शुरू कर दिया और संबंधित दारोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना पर सदर विधायक मनीष जायसवाल और प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह मौके पर पहुंचे। काफी समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीण शांत हुए और विसर्जन कार्यक्रम संपन्न कराया गया।
विधायक मनीष जायसवाल ने कहा कि शुक्रवार को पीड़ितों के साथ एसपी से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी देंगे। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मी पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
एसपी केशव कुमार ने बताया कि घटना की जांच सीओ सदर को सौंपी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

