हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो महराजगंज
महराजगंज जनपद के सिसवा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत परसा गिदही में भ्रष्टाचार का बड़ा खेल सामने आया है। यहां प्रधान और सचिव की मिलीभगत से फर्जी बिलों के सहारे सरकारी खजाने को लाखों रुपये का चूना लगाने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है।
जानकारी के अनुसार, रामसेवक के घर से कुलावां तक नाली निर्माण कार्य में फर्जी बिलों का सहारा लेकर भुगतान करा लिया गया। ठेकेदार वैष्णो इंटरप्राइजेज की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। बिल संख्या 85 पर हुए भुगतान में भारी गड़बड़ी का आरोप लगा है। सूत्रों की मानें तो नाली निर्माण कार्य धरातल पर अधूरा और निम्नस्तरीय है, जबकि बिल में पूर्ण कार्य दर्शाकर लाखों रुपये निकाल लिए गए।
ग्रामीणों का कहना है कि “कागजों पर काम दिखाकर भुगतान कर दिया गया, जबकि जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है।” यही नहीं, कई स्थानों पर निर्माण कार्य प्रारंभ ही नहीं हुआ, बावजूद इसके बिल बनाकर धनराशि निकाल ली गई।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 07 जुलाई 2025 को इस मद के अंतर्गत ₹2,70,000 का भुगतान दिखाया गया, जबकि वास्तविक खर्च मात्र ₹1,50,000 तक ही माना जा रहा है। इसी प्रकार कुल ₹3,09,409 का भुगतान संदिग्ध परिस्थितियों में हुआ।
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से ही यह खेल संभव हुआ है।
सवाल यह है कि जब विकास कार्य कागजों पर ही पूरे दिखाए जाएंगे, तो वास्तविक तरक्की कैसे होगी? क्या जिम्मेदार अफसर इस घोटाले पर कार्रवाई करेंगे या मामला फाइलों में ही दबा दिया जाएगा?
इस खबर ने ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
