हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
महराजगंज- अब जनपद के कस्तूरबा विद्यालयों की छात्राओं को अपनी समस्या बतानी हो, या कैरियर के विषय में कोई सलाह लेनी हो या प्रशासन तक अपनी बात पहुंचानी हो तो जिले की महिला अधिकारी इसमें उनकी मदद करेंगी। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने विशेष पहल करते हुए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में बेहतर अवस्थापन सुविधा, छात्राओं के लिए बेहतर आवासीय व शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने और उन्हें कैरियर तय करने में सहायता देने हेतु महिला अधिकारियों को मेंटर के रूप में तैनात किया है।
जिलाधिकारी महोदय के निर्देशन में शुरू हुए “केजीबीवी मेंटरशिप कार्यक्रम” के अंतर्गत जनपद महाराजगंज के 13 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयो में महिला अधिकारियों को एक से दो कस्तूरबा विद्यालय आवंटित कर मैपिंग कराया गया है। केजीबीवी मेंटरशिप कार्यक्रम के अंतर्गत महिला अधिकारी छात्राओं से मेंटर के रूप में मिलेंगी एवं अपने अनुभव साझा करेंगी। छात्राओं की विभिन्न समस्याओं पर समय-समय पर वार्ता करेंगी। वार्ता में न सिर्फ बच्चियों की आवश्यकताओं, विद्यालय में जरूरी सुविधाओं पर बात करेंगी, बल्कि बच्चियों के कैरियर व उनके भविष्य की योजनाओं को लेकर भी चर्चा करेंगी। इन बच्चियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी। साथ-साथ विद्यालय का भ्रमण करते हुए समस्त अवस्थापना सुविधाओं देखकर, जो भी कमियां इंगित होती हैं उन पर अपने स्तर से आवश्यक कार्यवाही करेंगी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को अवगत कराएंगी ताकि कमियों को दूर किया जा सके।
मेंटरशिप कार्यक्रम के तहत सदर एवं निचलौल केजीबीवी में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने, घुघली पुरैना के.जी.बी.वी में असिस्टेंट कमिश्नर राज्यकर श्रीमती प्रियंका श्रीवास्तव ने, जीजीआईसी प्रिंसिपल सुलेखा तिवारी द्वारा के.जी.बी.वी. नौतनवा मे, डॉक्टर प्रेरणा पाठक असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ बी.आर. अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय महाराजगंज द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय परतावल मे एवं बी.डी.ओ. शमा सिंह द्वारा के.जी.बी.वी. गरौड़ा, निचलौल का निरीक्षण किया गया। इन अधिकारियों द्वारा बच्चों के साथ विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में भी प्रतिभाग किया गया। महिला अधिकारियों द्वारा बच्चियों को कुछ विषयों पर पढ़ाया गया। इसके बाद महिला अधिकारियों ने छात्राओं की आवश्यकताओं और समस्याओं पर चर्चा की। महिला अधिकारियों ने कस्तूरबा विद्यालयों के शिक्षकों और वार्डेन से बच्चियों के बेहतर देखभाल और शिक्षण को लेकर चर्चा की। उनके द्वारा छात्राओं को आवश्यक सलाह एवं सुझाव दिया गया। वार्डेन को आवश्यक निर्देश देते हुए अपना मोबाइल नंबर साझा किया ताकि विद्यालय की बच्चियां कभी भी उनसे संपर्क कर सकें।
बेसिक शिक्षा अधिकारी सुश्री रिद्धी पांडेय ने कहा कि जिलाधिकारी महोदय का निर्देश है कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में बच्चियों को बेहतर आवासीय व शैक्षणिक परिवेश उपलब्ध कराया जाए, जिससे बच्चियों का समग्र विकास हो और वे अपने सपनों को पूरा कर सकें। उनके निर्देशानुसार मेंटरशिप कार्यक्रम को संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत महिला अधिकारी बच्चियों की व्यक्तिगत समस्याओं, स्कूलों में बच्चियों के लिए आवश्यक सुविधाओं, शैक्षणिक सारिणी, शैक्षणिक नवाचार आदि के संदर्भ में विस्तृत चर्चा करेंगी। नियमित भ्रमण कर छात्राओं को मार्गदर्शन प्रदान करेंगी और सुनिश्चित करेंगी कि कस्तूरबा विद्यालय मॉडल विद्यालय के रूप में सामने आएं। उम्मीद है कि इस कार्यक्रम के तहत बच्चियां प्रेरित होंगी एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के अध्यापकगण भी अपने दायित्वों के प्रति सजग होकर कार्य कर सकेंगे।


कस्तूरबा विद्यालय के निरीक्षण के दौरान कक्षा में बच्चों के साथ बीएसए।

